‘स्वच्छ भारत अभियान’ में राहुल को दिखती है विजन व रणनीति की कमी

l_uu-1460487537एजेंसी/मुंबई।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी योजना ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें दूरदृष्टि और रणनीति की कमी है।

राहुल गांधी मंगलवार को देवनार डंपिग ग्राउंड पहुंचे और कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छता की बात करते हैं, लेकिन इसे करने के लिए उनके पास कोई दूरदृष्टि नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत की बात करने वाली सरकार महाराष्ट्र के इस डंपिंग ग्राउंड का ध्यान क्यों नहीं देती? 

यहां के  लोग प्रदूषण से परेशान हैं, लेकिन राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार होने के बावजूद इसका निराकरण नहीं हो रहा है। राहुल ने कहा कि स्वच्छ भारत का सिर्फ प्रचार करने और भारत को सच में स्वच्छ बनाने में फर्क है।

उन्होंने कहा, ‘इस कचरा डालने के मैदान को बंद कर देना चाहिए और कोई रणनीति निकालनी चाहिए। स्वच्छ भारत के बारे में बात करना और स्वच्छ भारत बनाना दो अलग बातें हैं, सिर्फ नारे लगाने से काम नहीं चलेगा।’राहुल के साथ महाराष्ट्र के एआईसीसी प्रभारी मोहन प्रकाश एवं मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति के प्रमुख संजय निरुपम भी थे।

उन्होंने कहा कि वह इसलिए वहां गए क्योंकि पार्टी नेता चाहते थे कि वह स्वयं जाकर स्थिति को देखें। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां नागरिकों से मिला। एक आदमी रो रहा था। यह मैदान लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है, यहां प्रदूषण है। बच्चों को टीबी हो रहा है। एक बच्चे की मौत हो चुकी है।’

राहुल देवनार मैदान को देखने के लिए बिना मास्क पहने गए। चेम्बूर सिटीजन फॉरम की ओर से इसके संयुक्त सचिव एस बालाकृष्णन ने राहुल गांधी से मुलाकात की और इस कचरा डालने के मैदान को बंद करने की मांग की। इससे इस क्षेत्र में 1.2 करोड़ टन कचरे के वैज्ञानिक तरीके से सेटलमेंट का रास्ता साफ हो जाएगा।

बालाकृष्णन ने बताया कि यह मैदान काफी पहले ही अपनी क्षमता को पार कर गया है और आग, धुआं व धुंध से लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

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