सू की से अल्‍पसंख्‍यक रोहिंग्याओं को म्यांमारवासी मानने का आग्रह

सू की बैंकाक | शरणार्थियों और देशविहीन लोगों की आवाज उठाने वाले संगठन कोलिशन फॉर राइट्स ऑफ रिफ्यूजीज एंड स्टेटलेस पर्सन्स (सीआरएसपी) ने गुरुवार को म्यांमार की राष्ट्रीय सलाहकार व विदेश मंत्री आंग सान सू की से आग्रह किया कि मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय रोहिंग्या को म्यांमार के नागरिक के रूप में मान्यता दी जाए। सू की थाईलैंड की तीन दिवसीय सरकारी यात्रा पर पहुंची हैं। सीआरएसपी के सदस्यों ने सू की को संबोधित एक बयान को बैंकाक स्थित थाई विदेशी संवाददाता क्लब में पुलिस की निगरानी में पढ़कर सुनाया। ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि पत्रकारों के सवाल पूछने पर रोक थी।

एएफे न्यूज के अनुसार, इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली गैर लाभकारी संस्था फोर्टीफाई राइट्स के प्रवक्ता पुतनी कांगकुन के अनुसार, “मैं लगभग यहां आना रद्द करने वाला था। बहुत सारी बाधाएं खड़ी की गई थीं, लेकिन अंतत: हम लोग सम्मेलन कर पाए हालांकि संवाददाताओं को सवाल पूछने की इजाजत नहीं दी गई।”

बयान में सू की से 1982 में बने नागरिकता कानून को खत्म करने का आग्रह किया गया। यह कानून मुस्लिम अल्पसंख्यक समूह रोहिंग्या को विशिष्ट संस्कृति वाले अल्पसंख्यकों की सूची में शामिल करने में रोड़ा है।

सू की थाईलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को पहुंची हैं। इस दौरान वह अपने देश के प्रवासियों एवं शरणार्थियों के मुद्दे को उठाएंगी।

शुक्रवार को वह थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रायुत चान-ओचा से मुलाकात करेंगी।