Saturday , June 24 2017

साफ हुआ 40000 सफाईकर्मियों की भर्ती का रास्ता

सफाई कर्मचारीलखनऊ। प्रदेश के शहरी निकायों में संविदा सफाई कर्मचारी की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर याचिका खारिज होने के बाद नगर विकास विभाग ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने 40 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा की थी, जिसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के बाद रोक दी गई थी।

प्रदेश में 40,000 सफाई कर्मचारियों की भर्तियों को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया निकाय स्तर पर शुरू कर दी गई थी। हालांकि कुछ लोगों ने भर्ती की प्रक्रिया को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि नगर निकायों में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया केंद्रीयत नहीं होती लिहाजा नगर निकायों के अधिकारी ही भर्ती के आदेश जारी करने के सक्षम अधिकारी हैं।

कोर्ट ने न केवल यह याचिका खारिज की, बल्कि इसी तरह की दूसरी याचिकाओं को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। नगर विकास सचिव एसपी सिंह ने बताया कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।

पहले भी रोकी गई थी भर्ती

यह पहली मर्तबा नहीं था कि यह भर्ती प्रक्रिया रोकी गई थी। इसके पहले भी सफाई कर्मचारी नेताओं के विरोध के बाद भर्ती की प्रक्रिया रोकी गई थी और बाद में भर्ती का आदेश ही निरस्त कर दिया गया था। पिछले साल सफाई कर्मचारी नेताओं ने मांग रखी थी कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त की जाए और इसमें केवल ऐसे लोगों को भर्ती किया जाए जो सफाई का काम जातीय आधार पर ही करते आ रहे हैं।

जल्द हों भर्तियां

राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष जुगल किशोर वाल्मीकि ने मांग की है कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। ताकि सफाई कर्मचारियों की कमी झेलता शहरी निकाय अपना काम बेहतर कर सके और शहर साफ रहे।

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