शंकराचार्य -“साईं पूजा की देन है महाराष्ट्र का सूखा”

एजेन्सी/swaroopanand_1460091765द्वारिका-शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र में आए भीषण सूखे के लिए साईं पूजा को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र के लोग साईं बाबा की पूजा करते हैं और यह सूखा उसी की देन है।

एक दिन की यात्रा पर हरिद्वार पहुंचे शंकराचार्य ने कहा, ‘साईं एक फकीर थे और एक भगवान के तौर पर उनकी पूजा करना पूरी तरह से अशुभ है।’ उन्होंने कहा सूखे जैसी आपदा का प्रभाव नहीं पर ज्यादा है जहां के लोग अयोग्य लोगों की पूजा करते हैं। ऐसे जगहों पर ही सूखे, प्राकृतिक आपदाओं और लोगों की मौत होती हैं। महाराष्ट्र भी उनमें से एक है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब शंकराचार्य ने साईं को लेकर ऐसे विवादित बयान दिए हों। वह पहले भी साईं पूजा का मान्यता देने का विरोध करते रहे हैं। साल 2014 में उन्होंने साईं पूजा का विरोध करने के लिए एक धर्म संसद का भी आयोजन किया था जहां सर्वसम्मति के साईं पूजा का बहिष्कार करने का ऐलान किया गया था।शंकराचार्य ने अपने अनुयायियों से अपने-अपने घरों से साईं की तस्वीरें और मूर्तियां हटाने की बात कही। उन्होंने कहा कि साईं की मूर्तियों को हिंदुओं के धार्मिक स्थलों से हटा देना चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शंकराचार्य ने शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को भी वर्जित बताते हुए कहा कि महिलाओं को शनि की पूजा नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देना पूरी तरह से वर्जित है। ये अनुमति उनके लिए दुर्भाग्य का कारण बन सकती है।

उन्होंने बताया कि शनि एक पापग्रह है। ऐसे पाप ग्रहों की पूजा की वजह से महिलाओं के प्रति अपराध तेजी से बढ़ेगा। इसलिए महिलाओं को शनि की पूजा करने से बचना चाहिए।

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