विराट कोहली-“दस ओवर के बाद लगा कि हम हार गए”

virat-1458567269एजेन्सी/मोहाली अपनी करिश्माई बल्लेबाजी की बदौलत ट्वंटी-20 विश्वकप के सुपर 10 राउंड के करो या मरो मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराकर टीम इंडिया को सेमीफाइनल में जगह दिलाने वाले कोहली ने मैच के दौरान अपनी मानसिक स्थिति का खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें दस ओवर के बाद लगा था कि भारत टूर्नामेंट से बाहर होने वाली है लेकिन उन्हें नहीं पता कैसे उन्होंने धोनी के साथ मिलकर इस असंभव लग रहे लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।

विपरीत परिस्थितयों के बीच 51 गेंदों में 82 रनों की अप्रत्याशित पारी खेलने वाले कोहली ने कहा कि मुझे 10 ओवर के बाद वास्तव में लगा था कि हम टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। धोनी के साथ मिलकर हमने मैच में कैसे वापसी की मैं नहीं जानता। मैं नहीं जानता हमने यह कैसे कर लिया, यहां तक कि जब मैं मैदान पर था तो मुझे तब भी समझ नहीं आ रहा था कि यह सब कैसे हो रहा है। मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं कि अपनी टीम के लिए मैं यह कर पाया।

कोहली ने यह भी बताया कि जब धोनी ने जीत का चौका मारा तो वो कितने भावुक हो गए थे। कोहली ने कहा कि यह काफी भावुक अनुभव था, मुझे नहीं पता क्या कहना था। यही कारण है कि आप खेल खेलते हैं। यही वो भावना है जो बतौर एक खिलाड़ी के रूप में आप में आती है। यह टीम के लिए शानदार पल होता है। अपने साथी खिलाड़यिों को जश्न मनाते और खुश देखना बेहतरीन अनुभव है। जीत के लिए 161 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम एक समय अपने शीर्ष बल्लेबाजों को गंवाकर संकट में फंसी नजर आ रही थी लेकिन विराट ने अपनी पराक्रमी पारी की बदौलत टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

कोहली ने मैच में शानदार 82 रन बनाए थे और मैच में जीत के लिए उन्होंने दो ओवर में 35 रन बनाए। इसे लेकर कोहली ने कहा कि मैंने कभी ऐसी पारी नहीं खेली जिसमें अंतिम तीन ओवर में जीत के लिए 39 रन बनाने हों और मैंने धोनी की मदद से इस लक्ष्य को प्राप्त किया हो। रन बनाने के लिए मैंने 18वें ओवर में जेम्स फॉकनर को निशाना बनाने का निर्णय लिया था। कोहली बोले मेरे दिमाग में लगातार बाउंड्री मारने के विचार आ रहे थे। मुझे शत प्रतिशत पता था कि मुझे इसके लिए जेम्स फॉकनर को निशाना बनाना होगा।

मुझे लगा था कि तीन ओवर में 39 रन बनाने हैं और एक ओवर बड़ा होना चाहिए जिसमें कम से कम 15 रन निकले। हमें वो ओवर मिला जिसमें मैने 19 रन बनाए। 16वें ओवर से पहले मुझे लग गया था कि अगर हमने ज्यादा बाउंड्री नहीं मारी तो अंत में हमें संघर्ष करना पड़ेगा। धोनी की तरीफ करते हुए कोहली ने कहा कि आउटफील्ड तेज थी और मुझे गैप ढूंढना था। इस सब का सबसे अच्छा हिस्सा था कि दूसरी तरफ धोनी दो-दो रन ले रहे थे। मुझे लगता है जिसने सबसे ज्यादा मदद की वो थे दो-दो रन जो हमने दौड़कर लिए। विरोधी टीम पर उसकी वजह से दबाव आ गया था। धोनी ने मुझे शांत रखा और कहा कि अपना क्षेत्र चुनो अभी कई रन बनाने हैं। उन्होंने मुझे उत्तेजित होने से रोका।

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