विकास दुबे: पहली बार सामने आई जय की पत्नी, किया ये बड़ा खुलासा…

विकास दुबे कांड में अब जय बाजपेयी की पत्नी स्वेता बाजपेई सामने आई हैं। स्वेता का कहना है कि मेरे पति को जबरन फंसाया जा रहा है। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। हमारे परिवार को इस मामले में घसीटा जा रहा है। मेरे पति का इन सब मामलों से कोई लेनादेना नहीं है। पुलिस ने सभी सीसीटीवी चेक किए हैं। मेरे पति घर पर थे फिर भी उन्हें आरोपी बनाया गया। बता दें कि बिकरू कांड की जांच कर रही एसआईटी ने दहशतगर्द विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई और उससे जुड़े दस लोगों की संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है।

जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में पूछा गया है कि उनकी संपत्तियां कहां-कहां पर हैं और उनकी कितनी कीमत है। संपत्तियां अवैध रूप से कब्जाई गईं या किसी और तरीके से खरीदी गईं समेत अन्य जानकारियां भी एसआईटी ने मांगी हैं। जिला प्रशासन ने रजिस्ट्री विभाग को रिपोर्ट तैयार कर सौंपने की जिम्मेदारी दी है। रजिस्ट्री विभाग को इसका भी पता करना होगा कि जय और उसके लोगों ने अगर संपत्तियां खरीदी हैं तो लगाए गए स्टांप, संपत्ति की वास्तविक स्थिति के अनुसार हैं या फिर उसमें भी घपला किया गया है। 

विकास दुबे को मदद पहुंचाने के आरोप में एसटीएफ के हत्थे चढ़े शहर के नए नवेले अरबपति जय बाजपेई की संपत्तियों की जांच आयकर विभाग की बेनामी विंग ने शुरू कर दी है। बेनामी विंग इनकी घोषित और अघोषित संपत्तियों की पड़ताल करेगी। अफसर इसका ब्यौरा जुटा रहे हैं। फिलहाल आर्यनगर, पनकी और स्वरूप नगर में स्थित सात संपत्तियों पर जांच केंद्रित की गई है।

विभागीय सूत्र बताते हैं कि पुलिस की अब तक की जांच में जय बाजपेई की अकूत संपत्तियों का जिक्र सामने आया है। एक-एक संपत्ति की प्रमाणिक तरीके से जांच की जाएगी कि इन्हें खरीदने के लिए धन कहां से आया। यह भी देखा जाएगा कि ये संपत्तियां वास्तव में जय बाजपेई की हैं या विकास दुबे की हैं। जय और इनके पारिवारिक सदस्यों के पास देश और विदेश में तीन दर्जन संपत्तियों होने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल ब्रह्मनगर में छह मकान, आर्यनगर में एक अपार्टमेंट में आठ फ्लैट और पनकी में एक डयूप्लेक्स कोठी की जांच की जा रही है। इसके बाद अन्य संपत्तियों की जांच होगी। यह भी पता चला है कि जय और विकास दुबे का पैसा शहर के अस्पताल, होटलों और अपार्टमेंटों में लगा है। बता दें ब्रह्म नगर का रहने वाला जय बाजपेयी करीब सात वर्ष पहले एक प्रिंटिंग प्रेस में महज कुछ हजार रुपये की नौकरी करता था। देखते-देखते वह अरबपति बन गया। बिकरू कांड के ठीक एक दिन बाद जय को काकादेव पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। 

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