वाराणसी जिला जेल पर कैदियों का कब्जा खत्म, अधीक्षक व जेलर हुए रिहा

एजेन्सी/  varanasi-jail_landscape_1459580017 (1)वाराणसी के जिला जेल वाराणसी जिला जेल पर कैदियों का कब्जा खत्म हो गया है। अधीक्षक व जेलर  को कैदियों ने छोड़ दिया है।  वाराणसी के जिला जेल में हिंसा और फायरिंग से स्थिति बेकाबू हो गई थी। हालात को संभालने के लिए वहां सीआरपीएफ की एक टुकड़ी भी पहुंची थी। करीब 7 घंटे चले इस हाईवोल्टेज ड्रामा अपने अंजाम को पहुंच गया।

ये हिंसा तब हुई जब परेड हो रही थी। बुलेट प्रूफ के बगैर सुरक्षाकर्मियों को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। जिला जेल प्रशासन ने काफी देर तक घटना को छिपाए रखा थी। जेल अधीक्षक आशीष तिवारी और जेलर विजय राय कैदियों के कब्जे से छूट गए हैं।

जेल को कैदियों ने अपने कब्जे में लिया था। घटना के बाद आधा दर्जन गैस सिलेंडर बाहर निकाला दिया गया था। कैदियों ने डिप्टी जेलर का सर भी फोड़ दिया था। प्राथमिक सूचना के अनुसार नागा यादव की किसी बात पर जेलर से हाथापाई हो गयी थी। इसके बाद जेल में बंदियों ने हंगामा कर दिया था ।बंदियों को काबू करने के लिए पुलिस ने कई राउंड हवाई फायरिंग की और जमकर बंदियों व पुलिसकर्मियों में मारपीट चली। जेल के अंदर करीब 7 घंटे तक बवाल जारी था।

मौके पर एडीएम सिटी,एसपी सिटी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद थी। पुलिस ने कई बार बंदियो को वापस बैरक में लौटने के लिए कहा था। अगल-बगल रहने वाले जेल कर्मियों के परिवार वालों के अनुसार गोली चलने की आवाज लगभग 10 बजे के बाद सुनाई देने लगी थी।

कैदी बंदी महिला बंदीरक्षकों के साड़ी के सहारे भागने की फिराक में थे। वो पेड़ो पर चढ़ गए और वहा से जेल दीवार कूद कर भगना चाहते थे। जेल अधिकारियों ने बैरकों में छुपकर किसी तरह से जान बचाई थी। जेल से सभी ज्वलंत सामग्री जैसे सिलेंडर वगैरह चाकू बाहर निकाल लिये गए थे। जेल में देर तक फायरिंग चली थी और महिला बंदीरक्षकों को बाहर निकाल लिया गया था। जिला जेल की तरफ जाने वाले रास्ते सील कर दिए गए थे साथ ही साथ जिला जेल इलाके में कर्फ्यू सा सन्नाटा पसरा हुआ था।

 न्यूज एजेंसी एएनआई से जिलाधिकारी राजमनि यादव ने कहा था कि जेल में बंधक बनाने जैसी कोई स्थिति नहीं है।

 

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