रामपुर त्रिभौना गांव में दबंगों ने घर में घुस कर गर्भवती महिला की बेरहमी से की पिटाई

गिलौला थाना क्षेत्र के रामपुर त्रिभौना गांव में रविवार की रात दबंगों ने घर में घुस कर गर्भवती महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी। नाजुक हालत में परिवार के लोग इलाज के लिए उसे गिलौला सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां पुलिस केस बता कर चिकित्सकों ने घंटों इलाज शुरू नहीं किया। मीडिया कर्मियों के पहुंचने के बाद स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हुआ। तब जाकर पीड़िता का इलाज शुरू हो सका। मामले की तहरीर थाने में दी गई, लेकिन पुलिस मौन साधे हुए है।

थाना क्षेत्र के रामपुर त्रिभंगा गांव में तिलकराम व अलखे के बीच जमीनी विवाद चल रहा है। रविवार को दोनों पक्षों में इसी मामले को लेकर कहासुनी हो गई थी। बताया जाता है कि रात में विपक्षी एकजुट होकर तिलकराम के घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर दबंग मारपीट पर उतर आए। घर के पुरुष सदस्यों की पिटाई के बाद आरोपितों ने गर्भवती महिला मीनावती पर भी हमला कर दिया। इस दौरान उसके पेट पर भी लात से प्रहार किया गया। महिला दर्द से छटपटा उठी। होहल्ला सुन आसपास के लोग मौके पर एकत्र होने लगे। ग्रामीणों को एकत्र होते देख आरोपित घर से फरार हो गए। नाजुक हालत में महिला को 108 एंबुलेंस वाहन से संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा लाया गया। यहां इलाज के बाद तबियत में सुधार हुआ तो सुबह परिवार के लोग तहरीर लेकर पीड़िता के साथ थाने पर पहुंचे। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय दोनों पक्षों में सुलह-समझौता कराने में जुट गई। इसी बीच मीनावती की हालत और बिगड़ने लगी। आनन-फानन में परिवार के लोग उसे गिलौला सीएचसी लाए। यहां चिकित्सकों ने पुलिस केस होने की बात कहते हुए पुलिस कर्मियों के बिना इलाज करने से मना कर दिया। मामले की भनक लगने पर मीडिया कर्मी सीएचसी पहुंच गए। पीड़िता का बयान लेना शुरु किया तो स्वास्थ्यकर्मी भी सक्रिय हो गए। तब जाकर लगभग एक घंटे बाद महिला का इलाज शुरू हो सका। पीड़िता पुलिस की कार्यप्रणाली से व्यथित है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार का पक्ष जानने के लिए उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने पूरे मामले को सुने बिना ही कहा कि मामला संज्ञान में है। दिखवाया जा रहा है।

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