राफेल सौदा, भारतीय शर्तों पर राजी हुआ फ्रांस

l_r-1460756196एजेंसी/नई दिल्ली।

फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच गई है। दोनों देश इस सौदे की कीमत को लेकर अपने मतभेद दूर करने में सफल रहे हैं और फ्रांसीसी पक्ष ने ज्यादातर भारतीय शर्तों को मान लिया है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि सौदे पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन यह अब अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई के आखिर तक सौदे पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने करीब चार महीने पहले इन विमानों की खरीद के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। गौरतलब है कि भारतीय पक्ष इस सौदे की कीमत कम कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा था।

सूत्रों का कहना है कि यूपीए शासन की निविदा के अनुसार, 36 राफेल की कीमत करीब 65 हजार करोड़ रुपए बैठती है। शुरुआत में इस सौदे की कीमत 65 हजार करोड़ रुपए से थोड़ी ज्यादा हो रही थी, जिसमें लागत में वृद्धि और डॉलर की दर का भी ध्यान रखा गया था।

इसके अलावा इसमें भारत की जरूरतों के मुताबिक किए जाने वाले बदलावों की लागत भी शामिल थी। भारतीय पक्ष सौदे की कीमत 59 हजार करोड़ से नीचे लाने का प्रयास कर रहा था। सौदे में 50 फीसद ऑफसेट का भी प्रावधान है।

इससे छोटी भारतीय कंपनियों को करीब 22 हजार करोड़ का बिजनेस मिलेगा और इनके जरिए भारतीयों के लिए रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे।  सूत्रों का कहना है कि भारत का जोर कीमत को 59 हजार करोड़ रुपए तक लाने पर है।

फ्रांस भी करीब-करीब इस पर राजी हो गया है। मई के अंत तक सौदे पर आखिरी ऐलान हो सकता है। लड़ाकू विमान निर्माता कंपनी दसॉल्ट से सौदे की कीमत को लेकर मतभेद के बाद दोनों देश ने सीधे सौदे पर वार्ता का निर्णय लिया था। इसके बाद जनवरी से दोबारा बातचीत शुरू हुई।

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