भारतीय टीम को लगा बड़ा झटका, यह कंपनी छोड़ सकती है साथ

भारतीय क्रिकेट टीम को जल्द ही किट पार्टनर नाइकी (Nike) को जाने देना पड़ सकता है, क्योंकि क्रिकेट बोर्ड और स्पोर्ट्स ब्रांड कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। ये रस्साकशी एक ऐसे समय में आई है जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपने प्रायोजन सौदों पर फिर से विचार कर रहा है। यदि भारत-चीन के बीच गलवन में गतिरोध जल्द ही हल नहीं होता है, तो बीसीसीआइ को इस साल अपनी 440 करोड़ रुपये का घाटा झेलना पड़ सकता है, क्योंकि चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो को बीसीसीआइ इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल के शीर्षक प्रायोजक से हटा सकती है।

हालांकि, बीसीसीआइ के सबसे पुराने भागीदारों में से एक नाइकी और बोर्ड के बीच शायद सब ठीक नहीं है और अब ये भारतीय क्रिकेट बोर्ड के हाथ में है कि बोर्ड नाइकी का साथ चाहता है या नहीं। 2006 से लगातार नाइकी टीम इंडिया का किट पार्टनर है। बीसीसीआइ के शीर्ष सूत्र ने कहा है, “नाइकी की किट पार्टनर के रूप में मौजूदा डील बीसीसीआइ के साथ सितंबर में समाप्त हो रही है। ये 370 करोड़ रुपये की चार साल की डील है, जिसमें 85 लाख रुपये प्रति मैच फीस और 30 करोड़ रुपये क्रिकेट बोर्ड की रॉयल्टी शामिल है।”

बीसीसीआइ सूत्रों ने ईटी से बात करते हुए कहा है, “लॉकडाउन के दौरान नाइकी के कारोबार को बहुत नुकसान हुआ है और वह छूट के समय खोए हुए समय के लिए विस्तार चाह रहा है। बोर्ड सहमत नहीं हो सकता है और हमें स्थिति के लिए निविदा के साथ आना पड़ सकता है।” लॉकडाउन के दौरान टीम इंडिया को 12 अंतरराष्ट्रीय मैचों को बंद करना पड़ा। इनमें दक्षिण अफ्रीका का भारत दौरा और भारत का श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे दौरा शामिल था। ईटी को न तो नाइकी और न ही बीसीसीआइ ने कोई जवाब दिया है। इस डील के तहत नाइकी खिलाड़ियों के सारे कपड़े, जूते और अन्य साजों सामान मुफ्त में मुहैया करती है।

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