बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक : देश में अब फ़ैसले लेने वाली सरकार- अरुण जेटली

एजेन्सी/downloadनई दिल्ली: बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के आखिरी दिन आज बीजेपी ने यूपीए सरकार पर बड़ा हमला बोला। मीडिया को संबोधित करते हुए अरुण जेटली ने आरोप लगाया कि पहले की सरकार दिशाहीन थी, जबकि अब देश में फ़ैसले लेने वाली सरकार है। जेटली ने कहा कि उनकी पार्टी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हक में है, लेकिन साथ ही ये भी कहा संविधान में सबको असहमति ज़ाहिर करने का अधिकार है, लेकिन देश तोड़ने का नहीं। जेटली ने कहा राष्ट्रवाद से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इशरत जहां केस को लेकर पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम पर एक बार फिर हमला बोला और कहा कि इस मामले को राजनीति में घसीट कर देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकारिणी की बैठक को भी संबोधित किया। उनके भाषण का ब्‍यौरा गृह मंत्री राजनाथ सिंह कुछ देर बाद एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में प्रस्‍तुत करेंगे।

बीजेपी को संसद से लेकर पंचायत तक हर चुनाव जीतने की आदत डालनी होगी : शाह
पीएम मोदी से पहले पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह ने भी अपना मार्गदर्शन पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं को दिया, जिसमें उन्‍होंने कहा कि ‘बीजेपी को संसद से लेकर पंचायत तक हर चुनाव जीतने की आदत डालनी होगी। उन्‍होंने तमाम कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि सरकार की जो भी उपलब्धियां हैं, उन्‍हें गांव-गांव तक, लोगों तक पहुंचाएं और इसके लिए जो भी संचार के माध्‍यमों की आवश्‍यकता हो, चाहे वो सोशल मीडिया हो उसका भरपूर इस्‍तेमाल होना चाहिए। पार्टी की तरफ से यह भी कहा गया है कि बातचीत लगातार होनी चाहिए ताकि कार्यकर्ताओं के सुझाव सीधे तौर पर सरकार तक पहुंचें।’

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तय…
जेटली ने आगामी पांच राज्यों के चुनावों पर पार्टी की रणनीति के बाबत कहा कि पार्टी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा- हम पाचों राज्यों में अपनी पॉजिशन बेहतर करेंगे। असम में हमारा गठबंधन केंद्र में है और हम गठबंधन दल के नेता हैं। केरल में राजनीति बदल जाएगी। हम बंगाल में अपना वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

इन पांच राज्यों में चुनाव हैं- पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु।

कांग्रेस पर निशाना साधा…
उन्होंने कहा, देश तोड़ने की बात संविधान के खिलाफ है और हम राष्ट्रवाद से समझौता नहीं करेंगे। जेटली ने यह भी कहा कि पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए रणनीति तय हो गई है। उन्होंने कहा, इशरत जहां मामले में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ  कांग्रेस के समय में खिलवाड़ हुआ।

भाजपा ने आज कहा कि राष्ट्रवाद की विचाराधारा से उसकी आस्था निर्देशित होती है और भारत में लोगों को ‘भारत माता की जय’ कहने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

‘भारत माता की जय’ कहना बहस का मुद्दा नहीं हो- जेटली
जेटली ने कहा, ‘भाजपा का मानना है कि ‘भारत माता की जय’ कहना बहस का मुद्दा नहीं होना चाहिए। राष्ट्रवाद की विचारधारा हमारी आस्था और दिशा को निर्देशित करती है और हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूर्ण समर्थन करते हैं।’ सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘भारत का संविधान असहमति की पूर्ण स्वतंत्रता देता है लेकिन राष्ट्र के विनाश की नहीं। हमारा मानना है कि यह ऐसा मुद्दा है जिस पर बहस नहीं होनी चाहिए। जहां तक इस नारे का संबंध है, भारत के लोगों को इसे लेकर किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। कल ईडन गार्डन्स में आप इसका उदाहरण देख चुके हैं।’

कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान में कल भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप के तहत मुकाबला था और उस दौरान दर्शकों के बीच से ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के भी नारे लग रहे थे।

यह विवाद एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी के कुछ दिन पहले यह कहने से हुआ कि वह ‘जय हिन्द’ कहेंगे लेकिन अगर उनकी गर्दन पर कोई छुरी रख कर भी ‘भारत माता की जय’ बोलने को कहेगा, तो वैसा नहीं कहेंगे।

कल पीएम मोदी ने कहा था, अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर देश की आलोचना सहन नहीं…
कल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना होगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच पुल का काम करें। वहीं पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश की आलोचना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शाह ने इस दौरान जेएनयू के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा। उनका यह भी कहना था कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर देश की आलोचना सहन नहीं की जा सकती है।

बीजेपी के पदाधिकारियों को 30 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि ‘पार्टी और सरकार के काम के लिए सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करें। कार्यकर्ताओं के सुझावों को सरकार तक पहुंचाने का ज़िम्मेदारी पार्टी नेताओं की है। पीएम ने कहा कि बजट पर पदाधिकारियों से 42 सुझाव मिले, जिनमें 38 शामिल किए गए।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी कहा कि ‘वो सोशल मीडिया के ज़रिए सरकार की बात लोगों तक पहुंचाएं।’

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