बाजार खुलने की नई व्यवस्था पर व्यापारियों ने कहा-दस दिन के व्यापार में कैसे निकलेगा तीस दिन का खर्च

बाजार खुलने की नई व्यवस्था पर व्यापारियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। कुछ व्यापारी कोरोना संक्रमण को देखते हुए अच्छी पहल बता रहे, जबकि कुछ के लिए यह आर्थिक नुकसान देने वाली व्यवस्था होगी। ठीक चला। फिर व्यापारियों ने केंद्रीय मंत्री संतोषगंगवार के आवास पर पहुंचकर प्रशासन पर दबाव बनवाया।

डीएम नितीश कुमार ने व्यापारियों के हित में पांच दिन बाजार को खोल दिया। लेकिन इसके बाद साड़ी, कंप्यूटर और किराना के कई थोक और फुटकर कारोबारियों ने दुकानें स्वेच्छा से बंद करनी शुरू कर दी। कारण कोरोना संक्रमण से व्यापारियों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला और उनकी मौतें थी। अब हाईकोर्ट के आदेश होने के बाद एक बार फिर सम-विषम आधार पर बाजार खुलने हैं।

लॉकडाउन में दुकानें बंद ही रही। फिर पाबंदियों के साथ खुलती रही। मौजूदा समय में पांच दिन खुल रही। अब सम विषम में दिक्कत होगी। हम प्रशासन की बैठक में भी शामिल नहीं होंगे। क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश है। हम उसके खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे। राजेन्द्र गुप्ता, प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों जिन में संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है उसमें सम विषम के हिसाब से बाजारों को खोलने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी जा रही है। प्रशासन की बरेली जिले के लिए दोबारा बहुत अच्छी पहल है। इससे संक्रमण काफी हद तक कम होगा। क्योंकि भीड़ नहीं जुट पाएगी। व्यापारिक स्थिति में भी बहुत सुधार आएगा।- मनोज अरोड़ा, फर्नीचर व्यापारी उद्योग व्यापार मंडल

बरेली में कोरोना वायरस जनित महामारी से बचाव के लिए लगातार प्रशासन से बाजारों के विषय में गंभीरता से निर्णय लेने की मांग करता रहा है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से संगठन की चिंओं का अनुमोदन ही किया है।हम बंदी का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। – आशीष सिंघल, मंडल प्रभारी पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार

यह अच्छा फैसला है। इससे बाजार में भीड़ कम होगी और संक्रमण पर भी अंकुश लगेगा। व्यापारी इसके समर्थन में है। बस नई व्यवस्था में पांच दिन बाजार खुलने पर सम-विषम में व्यापारियों को थोड़ी परेशानी तो होगी ही। लेकिन महामारी के इस समय में हमारा पूरा सहयोग प्रशासन के साथ है। – केके चंदानी, व्यापारी नेता 

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