पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित 3 लोगों को मिलेगा ‘भारत रत्न’…

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रसिद्ध संगीतकार भूपेन हजारिका और संघ से जुड़े नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया जाएगा।
राष्ट्रपति भवन से शुक्रवार शाम जारी बयान में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा। इससे पहले 45 विभूतियों को भारत रत्न दिया जा चुका है। अब यह संख्या 48 हो गई।
 'भारत रत्न'
11 अक्तूबर 1916 को महाराष्ट्र के हिंगोली में जन्मे नानाजी देशमुख 12 साल की उम्र में संघ से जुड़े फिर जनसंघ से राजनीति में आए। आपातकाल के खिलाफ जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार रहे। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
नानाजी ने कहा था, 60 साल से अधिक उम्र होने वाले लोगों को सरकार से बाहर रह कर समाजसेवा करनी चाहिए। 27 फरवरी, 2010 को चित्रकूट में उनका निधन हुआ।
8 सितंबर 1926 को जन्मे हजारिका गायक और संगीतकार होने के साथ ही कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार थे।
अपनी मूल भाषा असमी के अलावा उन्होंने हिंदी, बंगाली समेत कई भारतीय भाषाओं में गाने गाए। उन्हें पारंपरिक असमिया संगीत को लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है।
पांच दशक से ज्यादा तक राजनीति में सक्रिय रहे रहे प्रणब मुखर्जी देश के 13वें राष्ट्रपति रहे। प्रणब दा के नाम से लोकप्रिय मुखर्जी जब 1982 में इंदिरा सरकार में वित्त मंत्री बने तो उनकी केवल 47 वर्ष थी।
वे देश के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री थे। बीते साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय नागपुर जाने से चर्चा में रहे प्रणब लंबे समय तक कांग्रेस संकटमोचक रहे।
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