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पाकिस्तान उर्दू सम्मेलन में इस बार कोई भारतीय लेखक नहीं

पाकिस्तान उर्दू सम्मेलनइस्लामाबाद। पाकिस्तान के कला परिषद द्वारा कराची में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय उर्दू सम्मेलन के 9वें संस्करण में भारतीय लेखकों और कवियों की नामौजूदगी खलेगी। ऐसा भारतीय-पाकिस्तानी सीमा पर बढ़े तनाव के कारण हुआ है। डॉन ने परिषद के एक सदस्य अहमद शाह ने हवाले से कहा, “हर साल भारतीय लेखक और कवि कई तरह की बहसों में भाग लेते थे, लेकिन इस बार पाकिस्तान-भारत सीमा पर तनाव के कारण वे अपने पत्र पढ़ते या कई सत्रों में समितियों में दिखाई नहीं देंगे।”

पाकिस्तान उर्दू सम्मेलन में नहीं रहा कोई भारतीय लेखक

भारत के लेखकों और कवियों की गैर-मौजूदगी पर शाह ने कहा कि वह धर्म के आधार पर साहित्य को बांटने में विश्वास नहीं करते।

उन्होंने कहा कि भारतीय लेखक (गुलजार, गोपीचंद नारंग आदि) ने उर्दू साहित्य में काफी योगदान दिया है, लेकिन इन दिनों भारतीय लेखक पाकिस्तान की यात्रा से डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि भारत लौटने पर उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा।

हालांकि, उन्होंने कहा कि हम प्रयास करेंगे कि उनमें से कुछ लेखकों से सम्मेलन के दौरान वीडियो लिंक या ऑडियो के जरिए जुड़ा जा सके। सम्मेलन एक से चार दिसंबर तक चलेगा।

शाह ने कहा कि अमेरिका, जर्मनी, डेनमार्क, ब्रिटेन, फिनलैंड और मिस्र जैसे देशों से उर्दू विद्वान इसमें हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान के सभी जाने-माने लेखकों और कवियों को आमंत्रित किया गया है।

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