मदर टेरेसा को मरणोपरांत ब्रिटिश फाउंडर्स अवॉर्ड से नवाजा गया …

एजेन्सी/images (8)लंदन : मदर टेरेसा, वो नाम जिससे हमेशा दया और मदद की झलक आती है। मदर टेरेसा को इस साल का प्रतिष्ठित ब्रिटिश फाउंडर्स अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान वैश्विक एशियाई समुदाय के लोगों को उनकी अनुकरणीय उपलब्धियों को मान्यता देता है और उन्हें पुरस्कृत करता है। मदर टेरेसा की 72 वर्षीय भतीजी अगी बोजाझीयू शुक्रवार को इस अवॉर्ड को लेने के लिए इटली से आई थी। वो मदर की एकमात्र जीवित रिश्तेदार है।

इससे पहले 4 सितंबर 2015 को मदर टेरेसा को संत की उपाधि दी गई थी। उन्होने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की थी। उन्होने अपने जीवन के 45 वर्षो तक गरीबों, बीमार व अनाथ की सेवा की और कोलकाता की सड़कों पर रहने वाले बेसहारा लोगों का सहारा बनी। वर्ष 1997 में 87 वर्ष की उम्र में उनका स्वर्गवास हो गया था। फाउंडर्स अवॉर्ड व्यापार, लोकोपकार, मनोरंजन, संस्कृति और खेल समेत 14 श्रेणियों में दिए जाते है।

एशियन पुरस्कार की शुरुआत 2010 में पॉल सागो ने की थी जोकि उद्यमी हैं और लेमन समूह के संस्थापक हैं। सागो ने कहा कि मदर टेरेसा को उनके संत बनने वाले वर्ष में सम्मानित करना शानदार है और यह हमारे इतिहास को एक शानदार पहचान देगा।

प्रमुख एनआरआई उद्यमी और लोकोपकार रामी रेंजर ने यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के लिए एक लाख पौंड का योगदान दिया और उन्हें उत्कृष्ठ उपलब्धि के लिए कम्युनिटी सर्विस पुरस्कार से नवाजा गया।

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