नीरव मोदी को कोर्ट से चौथी बार लगा बड़ा झटका, खारिज हुई याचिका

नई दिल्ली। 13700 करोड़ रुपए के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा घोषित हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने ब्रिटेन के हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट से 3 बार याचिका खारिज होने के बाद नीरव ने 31 मई को हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, जो कि चौथी बार भी खारिज कर दी गई है।

नीरव की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई थी। नीरव मोदी 86 दिन से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में है। 19 मार्च को उसकी गिरफ्तारी हुई थी। हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान नीरव की वकील क्लेर मोंटगोमरी ने कहा था कि जमानत मिलने पर नीरव इलेक्ट्रोनिक डिवाइस से निगरानी रखे जाने के लिए तैयार है, उसका फोन भी ट्रैक किया जा सकेगा।

मोंटगोमरी ने कहा कि नीरव यहां पैसा कमाने आया है। अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई जिससे लगे कि वह भाग सकता है। उसके बेटे-बेटी भी यहां पढ़ाई के लिए आने वाले हैं।

नीरव का ब्रिटेन आना संयोग नहीं था- सीपीएस
भारत की ओर से केस लड़ रही क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा- नीरव पर आपराधिक और धोखाधड़ी के आरोप हैं। यह असुरक्षित कर्ज का मामला है। जज ने भी अब तक यह समझ लिया है कि इस मामले में डमी पार्टनर्स के जरिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स जारी किए गए। हमने जज से कहा कि आपने मामला सही समझा है। हालांकि, अदालत ने कहा कि ये सिर्फ आरोप हैं। तय प्रक्रिया के तहत कार्यवाही होगी।

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सीपीएस ने कहा, “हमने जज को बताया कि नीरव को प्रत्यर्पण का केस चलने के दौरान जमानत दी जाती है तो यह अलग बात है। लेकिन, अभी जमानत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि उस पर गंभीर आरोप हैं। उसका ब्रिटेन आना कोई संयोग नहीं था। जिस तरह से उसने धोखेबाजी की, वह जानता था कि यह दिन आएगा।

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