निजी अस्पतालों में मरीज को भर्ती करने के बाद नहीं कराई जा रही कोविड जांच

निजी अस्पतालों में मरीज को भर्ती करने के बाद उनकी कोविड जांच नहीं कराई जा रही है। तीन दिन पहले हुई संक्रमित महिला की मौत के मामले में भी यह बात सामने आई है। इस पर शासन की ओर से सीएमओ और संबंधित अस्पताल से सवाल जवाब किए गए हैं। साफ कहा है कि ऐसे मामले पहले भी आ चुके हैं। इस पर विस्तार से जांच कर आख्या प्रस्तुत करें। साथ ही कोविड एल-3 अस्पताल से रेमडेसिवीर इंजेक्शन न लगाने के मामले की जांच शुरू कराई है।

भुता थाना क्षेत्र के गांव ककराखुर्द निवासी शारदा देवी अगस्त माह से बीमार चल रही थी। रक्षाबंधन के बाद से वह सौ फुटा रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती थी। वह ठीक हुई लेकिन कुछ दिन बाद फिर से परेशानी हुई तो उसी अस्पतला में भर्ती कराया गया। इस दौरान यहां कोविड जांच नहीं कराई गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें स्टेडियम रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चार दिन तक भर्ती रखने के बाद उनकी जांच कराई गई। जिसमें वह पॉजिटिव आईं। इसके बाद उन्हें कोविड एल-3 में भर्ती कराया। जहां दो दिन उपचार के बाद छह अगस्त को उनकी मौत हो गई। अब इस मामले में शासन ने पूछा है कि शारादा देवी के उपचार में हर स्तर पर लापरवाही क्यों की गई।

शासन स्तर पर पूछे गए सवाल

शारदा देवी जब पहले से बीमार थीं तो सर्विलांस सर्वे में उन्हें चिन्हित क्यों नहीं किया जा सका

मरीज को पहले जिस अस्पताल में रखा गया वहां कोविड जांच क्यों नहीं हुई

जब मरीज की हालत बिगड़ गई तो दूसरे अस्पताल में आने पर भी उनकी जांच तत्काल क्यों नहीं हुई

शारदा देवी के पॉजिटिव आने के बाद कोविड एल-3 में उन्हें रेमडेसिवीर इंजेक्शन क्यों नहीं दिए गए

सेवाराम के मामले में भी नहीं कराया गया था टेस्ट

बदायूं रोड निवासी सेवाराम के मामले में भी पीलीभीत रोड स्थित अस्पताल ने कई दिन तक उनकी कोविड जांच नहीं कराई थी। जिस दिन जांच कराई गई तो वह पॉजिटिव आए और उसी दिन उनकी मौत हो गई।ऐसे यही नहीं कई अन्य मामले भी हुए। सीएमओ खुद करें जांच शासन से निर्देशित किया गया है सीएमओ डा. विनीत कुमार शुक्ला खुद मामले की जांच करें। बताएं कि शारदा देवी के मामले में निजी अस्पताल और बाद में कोविड अस्पताल में चूक कैसे हुई। रेमडेसिवीर होने के बाद भी कोविड एल-3 अस्पताल ने महिला मरीज को क्यों नहीं दिया। कोविड-19 की गाइड लाइन संक्रमण की शुरूआत के साथ ही आइसीएमआर ने कोविड-19 को लेकर गाइड लाइन जारी की थी। इसके अनुसार किसी भी मरीज को भर्ती करने के साथ ही उसकी कोविड जांच कराई जाए। जिससे केस न बिगड़े। हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इसे लेकर निर्देशित किया था।

मामले की जानकारी मिली है। अभी अस्वस्थ हूं। स्वस्थ होने के बाद इस मामले की जांच स्वयं कर शासन को आख्या प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही आइएमए और निजी अस्पतालों के प्रबंधन के साथ बैठक कर कोविड जांच के लिए कहा जाएगा। – डा. विनीत कुमार शुक्ला, सीएमओ

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