नवरात्रि 2020: नवरात्रि की शुरूआत शनिवार से हो रही है, ऐसे में जानें क्या है संकेत

शनिवार से यानी कल से नवरात्रि शुरु होने वाली है जो 25 अक्टूबर तक रहेगी। इस बीच पूरे नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना होगी। नवरात्रि के देरी से शुरू होने की वजह और पूरे 9 दिन के कार्यक्रम की जानकारी देते हैं।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, श्राद्ध के बाद अधिकमास लगने के कारण इस बार नवरात्रि एक महीने देर से शुरू हो रही हैं। अधिकमास की वजह से ना सिर्फ नवरात्रि, बल्कि दशहरा और दीपावली भी देरी से शुरू होंगे। 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी होगी। जिसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होंगे। इसके बाद ही विवाह, मुंडन आदि मंगल कार्य शुरू होंगे।

हिन्दू पंचांग में बारह मास होते हैं। यह सूर्य की संक्रांति और चन्द्रमा पर आधारित होते हैं। हर साल सूर्य और चन्द्र मास में लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है। इस अंतर को पाटने के लिए हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त मास बढ़ जाता है, जिसे अधिकमास कहते हैं। इसे लोकाचार में मलमास भी कहा जाता है। अधिमास में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

नौ दिनों का ये पर्व 17 अक्टूबर से यानी कल से शुरू हो रहा है। घटस्थापना पर विशेष संयोग बन रहा है। अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा। पहले दिन घटस्थापना होती है और मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। 25 अक्टूबर को महानवमी व विजयादशमी (दशहरा) हैं। दशमी 25 अक्टूबर रविवार को है। इस दिन सुबह 7.41 बजे तक नवमी तिथि है। बाद में दशमी शुरू होगी जो दूसरे दिन प्रातः नौ बजे तक ही रहेगी। इसलिए दुर्गा नवमी व दशहरा पर्व 25 अक्टूबर को मनाए जाएंगे।

इस साल कोरोना की वजह से नवरात्रि इतने धूम-धाम से नहीं मनाया जाएगा । नवरात्रि में नौ दिनों तक मां के अलग-अलग रुपों की पूजा बेहद धूम-धाम और प्यार से की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ ही मां की पूजा शुरू हो जाती है । इस बार दुर्गा पूजा और नवरात्रि की शुरूआत शनिवार से हो रही है ऐसे में मां घोड़े को अपना वाहन बनाकर धरती पर आएंगी। इसके संकेत अच्छे नहीं हैं।माना जाता है कि घोड़े पर आने से पड़ोसी देशों से युद्ध,सत्ता में उथल-पुथल और साथ ही रोग और शोक फैलता है। बता दें कि इस बार मां भैंसे पर विदा हो रही है और इसे भी शुभ नहीं माना जाता है।

शारदीय नवरात्रि के 9 दिन


17 अक्टूबर- मां शैलपुत्री पूजा घटस्थापना
18 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्टूबर- मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्टूबर- मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्टूबर- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्टूबर- मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर- मां महागौरी दुर्गा पूजा
25 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री पूजा

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