पानी का बहना भी बनता है गंभीर बीमारियों की वजह साथ ही धन का होता है नाश

वास्तु शास्त्र में पानी, अग्नि, वायु, आकाश और पृथ्वी तत्व के लिए अलग-अलग दिशाएं या जगह बताई गई हैं। घर में इन तत्वों से जुड़ी चीजें भी इनकी दिशाओं के अनुसार रखनी चाहिए। वरना वास्तु दोष होने लगता है। ज्योतिष एवं वास्तु अाचार्य पं गणेश मिश्र के अनुसार पूर्व और उत्तर दिशा पानी के लिए अनुकूल है। इन दिशाओं ूमें जल स्थान, टंकी या पीने का पानी रखा जाए तो घर में परेशानियां नहीं होती, लेकिन इसके उलट यानी अन्य दिशाओं में पानी रखा जाए तो धन हानि और बीमारियां होती हैं और घर में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ने लगती है।

पानी का बहना

वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी रखने का सही स्थान

  • वास्तुशास्त्र के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा भी पानी का टैंक रखने के लिए शुभ है। इस दिशा में पानी होने से धन लाभ होता है। ऐसा घर उन्नति और समृद्धि देने वाला माना गया है।
  • उत्तर दिशा में पानी का टेंक या पीने का पानी रखा जाए तो ऐसे घर में शांति और सुख बढ़ता है।
  • वास्तु के अनुसार पश्चिम दिशा में पानी का स्थान होना शुभ माना गया है।ऐसे घर में रहने वाले लोगों की संपत्ति बढ़ती है।

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  • इन दिशाओं में नहीं रखना चाहिए पानी

दक्षिण पूर्व दिशा को भी पानी का टैंक लगाने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है क्योंकि इसे अग्नि की दिशा कहा गया है। अग्नि और पानी का मेल गंभीर वास्तु दोष उत्पन्न होता है।

दक्षिण दिशा में पानी की टंकी या भूमिगत टेंक नहीं होना चाहिए। इससे परिवार में अशांति और धन हानि होती है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में भी पानी की टंकी का होना अशुभ माना गया है। इस स्थान में पानी होने से घर में बीमारियां होने लगती है और कर्जा भी बढ़ने लगता है। ऐसे घर में रहने वाले लोगों को मानसिक बीमारियां भी हो सकती हैं।

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