दूध में तुलसी की पत्तियों में मिलाकर पीने के फायदे शायद ही जानते होंगे आप…

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं. ऐसे में बिमार होना लाजिमी है, और फिर  अंग्रेजी दवाईयों  का सेवन करते हैं. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलु उपाय बताने जा रहे हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं. इसी में शामिल है तुलसी का पत्ता. ये अपनी औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. इसके सेवन से हमें कई लाभ मिलते हैं और  ये शरीर को किसी भी बिमारी से बचा सकता है. यदि रोजाना तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पिया जाए तो बहुत से रोगों से खुद को बड़ी आसानी से बचाया जा सकता है। आईये जानते हैं वो पांच फायदे –

दूध में तुलसी

दमा के रोग में फायदेमंद – यदि आप सांस संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो दूध के साथ तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीएं। ऐसा करना दमा रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित बोता है।

माइग्रेन से मिलती है राहत- दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से सिर दर्द या माइग्रेन जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है। लगातार रूप से इस औषधि का सेवन इस समस्या को जड़ से ठीक कर सकता है। अगर आप लगातार इस समस्या से परेशान रहते हैं तो आप चाय की जगह रोजाना दूध में तुलसी के पत्ते डालकर पीएं। ऐसा करने से आपको काफी फायदा होगा।

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तनाव और अवसाद से मुक्ति- तुलसी के पत्तों में ढेरों औषधीय गुण जाते हैं, जिसमें हीलिंग गुण भी शामिल होते हैं। अगर आप तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्या से घिरे रहते हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबाल लें और उसे पीएं। इस औषधि को पीने से मानसिक तनाव और चिंता दूर होती है साथ ही अवसाद की समस्या से उबरने में सहायता मिलती है।

हृदय रोग और पथरी की समस्या से भी मुक्ति- दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पीने से हमारा हृदय भी स्वस्थ रहता है। नियमित रूप से अगर इसे खाली पेट पिया जाए तो ह्रदय रोगियों को काफी फायदा मिलता है। यदि किसी व्यक्ति को पथरी की समस्या है तो उसे नियमित रूप से खाली पेट दूध में तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीना चाहिए। ऐसा करने से किडनी के पथरी की समस्या और दर्द दूर हो जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है तुलसी के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता करते हैं।

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