डॉ.एके बंसल का घर नीलाम

central-bank-of-iraq_landscape_1458335109 (1)एजेन्सी/बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने डॉ.एके बंसल एवं डॉ.वंदना बंसल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को हुई ऑनलाइन नीलामी में दो लोगों ने उनकी संपत्ति को एक करोड़ 25 लाख तीन हजार रुपये में खरीदा। बीओआई की ओर से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व छह अगस्त 2014 को शहर के चर्चित चिकित्सक एवं जीवन ज्योति अस्पताल समूह के मालिक डॉ.एके बंसल एवं डॉ.वंदना बंसल को नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई थी। बकाया धन नहीं जमा करने पर बीओआई ने एनपीए के तहत 26 फरवरी 2016 को सभी बकाएदारों एवं गारंटर को नोटिस भेजकर चेतावनी दी। इसके बाद बैंक की ओर से 28 फरवरी 2016 को समाचार पत्र में बकाएदारों, जमानतदारों को ई-नीलामी विक्रय सूचना नोटिस प्रकाशित किया गया।

बता दें, डॉ.बंसल ने बैंक ऑफ इंडिया की रामबाग स्थित इलाहाबाद सिटी शाखा से कुल 13 करोड़ का लोन 10 अलग-अलग संपत्तियों को बंधक रखते हुए लिया था। बीओआई ने लोन नहीं जमा करने पर डॉ.एके बंसल एवं डॉ.वंदना बंसल के नवजीवन पीडियाट्रिक्स सहित कुल 10 बंधक संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए छह अगस्त 2014 को सरफेसी एक्ट के तहत नोटिस भेजकर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके एक वर्ष सात महीने 24 दिन बाद बैंक ने डॉ. बंसल की शहर के बाहर गुड़गांव (हरियाणा) स्थित फ्लैट टी-111, जीएफ ग्रीन विला (पार्श्वनाथ ग्रीन विले) सेक्टर 48 सोहाना रोड को 122.98 लाख एवं 12.298 लाख कुल 135.278 लाख  रुपये की संपत्ति को 125 लाख तीन हजार रुपये में दो लोगों को ऑनलाइन नीलाम कर दिया। संपत्ति खरीदने वाले दोनो लोगों ने ईएमडी(धरोहर राशि) जमा कर दी है। बैंक के मुताबिक चेतावनी स्वरूप संपत्ति के एक छोटे से हिस्से पर कार्रवाई की गई है। बकाया जमा नहीं करने पर बैंक दोबारा डॉ. बंसल एवं उनके परिवार की शेष संपत्तियों पर नीलामी की कार्रवाई करेगा।

जीवन ज्योति अस्पताल सहित कई अन्य मदों में बैंक का पैसा लेकर उसे जमा नहीं करने वाले डॉ. एके बंसल परिवार पर एनपीए के तहत कार्रवाई की नोटिस दिए जाने के बाद भी उन्होंने तवज्जो नहीं दिया। डॉ.बंसल एवं उनके परिवार पर बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, पीएनबी सहित कई अन्य बैंकों के करोड़ों रुपये बकाया हैं। ऐसे में बैंकों की ओर से एनपीए के तहत कार्रवाई की नोटिस भेजा गया है।

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