ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले प्रमुख नाले अब हरे-भरे पौधों से होंगे आकर्षक

जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले प्रमुख नाले अब छायादार व फलदार पौधों से आकर्षक होंगे। मनरेगा विभाग यहां फलदार वृक्ष लगवाएगा। नाले के आसपास के किसानों पौधों के देखरेख की जिम्मेदारी होगी। पौधे तैयार होने के बाद किसानों के लिए आय का जरिया बनेंगे। मनरेगा उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को दायित्व सौंपते हुए पौधारोपण कराने के निर्देश दिए हैं।

अविरल जल अभियान योजना से नालों की सफाई और जल संरक्षण के लिए वाटर स्टोरेज टैंक बनवाने की कवायद चल रही है। इसके साथ मनरेगा विभाग ने नालों को और आकर्षक व फायदेमंद बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नालों में जितने भी स्टोरेज टैंक बनेंगे। उनके डिसिल्टंग व तटबंधों के दोनों तरफ फल व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को नोडल बनाते हुए जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कहा है कि वाटर स्टोरेज टैंक की डिसिल्टिग के साथ उनके तटबंधों में दोनों तरफ पौधारोपण अनिवार्य रूप से कराएं। पौधारोपण के फोटोग्राफ्स मनरेगा सेल को प्रस्तुत करने होंगे। ताकि शासन को इसकी जानकारी दी जा सके। उन्होंने यह भी कहा है कि इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। जनपद में अविरल जल अभियान के तहत प्रमुख रूप से नौ नालों का चयन किया गया है। इनमें 30 किलोमीटर लंबा विशाहिल नाला, 15 किलोमीटर लंबा गहरार नाला, 40 किमी लंबा सहेवा नाला, 59 किलोमीटर लंबा उसरा नाला, 32 किलोमीटर लंबा ग्वाइन नाला, 8 किलोमीटर का यमुना सहायक नाला, 10 किलोमीटर का करकरी नाला, 12 किलोमीटर लंबा चहितारा नाला, 6 किमी लंबा कुरारा नाला शामिल हैं।

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ये पौधे होंगे रोपित :

आम, जामुन, कैथा, सागौन, महुआ, नीम, बरगद, पीपल (सभी पौधे किसानों की मंशानुरूप

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-नालों के किनारे पौधारोपण से दोहरा लाभ होगा। एक तो पर्यावरण संरक्षण बढ़ेगा और दूसरे किसानों को फल व लकड़ी मिलेगी। रोपित पौधों की सुरक्षा संबंधित नाले के किनारे किसान करेंगे।

-वेद प्रकाश मौर्या, उपायुक्त मनरेगा, बांदा

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