गंगा नदी का लगातार बढ रहा जलस्‍तर, त्रिवेणी मार्ग आवागमन रोका गया

गंगा नदी का जलस्‍तर मंगलवार को लगातार बढ रहा है। कानपुर बैराज से छोड़ा गया पानी सोमवार सुबह यहां पहुंचा तो बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर के सामने पार्क तक जल आ गया। इससे संगम जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया गया। उधर अरैल स्थित पक्का घाट के दोनोंगुंबद डूब पानी में गए हैं।

हनुमान मंदिर रोड व त्रिवेणी मार्ग पर आवागमन रोका गया

काली सड़क और अक्षयवट मार्ग पहले ही बंद कर दिया गया था और अब हनुमान मंदिर रोड व त्रिवेणी मार्ग पर भी आवागमन रोक दिया गया है। बंधवा ढाल पर दुकान लगाने वालों को भी हटने को कहा गया। गंगा-यमुना का जलस्तर बढऩे से अरैल घाट जलमग्न हो गया है। यहां बने दोनों गुंबद डूब गए हैं। जल पुलिस के जवान यहां तैनात कर दिए गए हैं। बाढ़ राहत दल पीएसी के जवान भी लगातार भ्रमण कर रहे हैं। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक 24 घंटे में नैनी, छतनाग में 33 और फाफामऊ में 23 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार का कहना है कि कानपुर बैराज से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी के पहुंचने के बाद जलस्तर में वृद्धि हुई है। नरौरा बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। जल पुलिस के प्रभारी कड़ेदीन यादव के मुताबिक गंगा में एक मीटर और बढ़ोतरी होने पर हनुमान जी के मंदिर में पानी प्रवेश कर जाएगा।

सरस्वती घाट, बलुआघाट बारादरी पर और चढ़ा पानी

यमुना का जलस्तर तेजी से बढऩे के कारण सरस्वती घाट, बलुआघाट बारादरी, मनकामेश्वर मंदिर की और कई सीढिय़ों पर पानी चढ़ गया है। बारादरी स्थित दो गुंबद पूरी तरह से डूब गए हैं, जबकि दो गुंबद आधे से अधिक जलमग्न हो चुके हैं।

तटीय इलाकों में मची हलचल

गंगा-यमुना में बढ़ते जलस्तर के कारण तटीय इलाके पानी से घिरते जा रहे हैं। इससे यहां रहने वालों में हड़कंप मच गया है। लोग अपने-अपने जरूरी सामानों को नाते-रिश्तेदार और करीबियों के यहां पहुंचा रहे हैं। किराए पर रहने वाले भी अपना सामान समेटकर मकान खाली कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम लगातार तटीय इलाकों में भ्रमण कर जायजा ले रही है।

गंगा नदी का कहां पर कितना है जलस्‍तर

 गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक

फाफामऊ- 81.04 मी0

छतनाग-  80.17 मी0

सोमवार को गंगा नदी का जलस्‍तर

फाफामऊ : 80.55 मीटर

छतनाग : 79.61 मीटर

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