रात 8 बजे के बाद ATM में कैश नहीं डालें

एजेन्सी/  rupee-generic_650x400_61435891549नई दिल्ली: नकदी ले जाने वाली वैन पर होने वाले हमलों को देखते हुए सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि शहरों में रात आठ बजे के बाद एटीएम में नकदी न डाली जाए और निजी नकदी परिवहन एजेंसियां भोजनावकाश से पहले ही बैंकों से धन ले लें।

नक्सल क्षेत्रों में दोपहर तीन बजे तक की सीमा
ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम में नकदी डालने के लिए शाम पांच बजे और नक्सल प्रभावित जिलों में दोपहर तीन बजे तक का समय तय किया गया है। साथ ही सीसीटीवी और जीपीएस लगे हुए विशेष रूप से डिजाइन किए गए नकदी वैन होने चाहिए और उनमें पांच करोड़ से ज्यादा नकदी नहीं ले जाई जानी चाहिए।

देश में प्रतिदिन एटीएम में डाले जाते हैं 15000 करोड़ रुपये
प्रत्येक वाहन में एक ड्राइवर और दो प्रशिक्षित हथियारबंद सुरक्षाकर्मी होने चाहिए जो हमला होने की स्थिति में ‘वाहन को सुरक्षित बचाकर बाहर निकाल सकें।’ केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने नकदी लाने-ले-जाने और एटीएम में नकदी डालने जैसे काम करने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रस्तावित नए एसओपीएस में यह बातें कही हैं। देश भर में रोजाना करीब 8,000 निजी वैनें बैंकों, तिजोरियों और एटीएम तक 15,000 करोड़ रुपये पहुंचाने का काम करती हैं। इसके अलावा निजी सुरक्षा एजेंसियां बैंकों की ओर से अपनी निजी तिजोरियों में रात भर के लिए 5,000 करोड़ रुपये नकदी रखती हैं।

हमले, लूट की वारदातों से बचाव के लिए सतर्कता
नकदी वैनों पर होने वाले हमलों, उनकी लूट आदि को दखते हुए यह एसओपीएस तैयार किए गए हैं। सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि एटीएम में नकदी डालने के लिए नकदी परिवहन एजेंसियां बैंकों से सुबह ही धन ले लें। देश के शहरी क्षेत्रों में रात आठ बजे के बाद कहीं भी एटीएम में नकदी नहीं डाली जानी चाहिए। नए एसओपीएस में प्रस्ताव किया गया है कि प्रत्येक फेरी के लिए नकदी वैन में पांच करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी नहीं होनी चाहिए। पांच करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी लाने ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई वैनों का प्रयोग किया जाना चाहिए। नकदी परिवहन और एटीएम में नकदी डालने का सारा काम सिर्फ ऐसे कर्मचारियों द्वारा कराया जाए, जिनकी पृष्ठभूमि की ठीक से जांच की गई हो।

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