कुंभ हुआ डिजिटल, खोला गया कंप्यूटराइज्ड खोया पाया केंद्र

रिपोर्ट- सईद रजा

प्रयागराज। कुंभ मेले का जिक्र आते ही वह मुहावरा भी याद आता है कि जब काफी अरसे के बाद कोई पुराना खास मित्र मिलता है तो उस समय अक्सर ये सुनते नज़र आता है कि कुंम्भ मेले में बिछड़ने के बाद आज मिले है। लेकिन इस बार का कुंम्भ मेला इस मुहावरे को भी लोगो से ज़ेहन से दूर करता दिख रहा है।

इस बार के कुंम्भ मेले में कंप्यूटराइज्ड खोया पाया केंद्र खोला गया है जो बेहद कारगर साबित हो रहा है। डिजिटल टेक्नोलॉजी से भरपूर इस हाईटेक शिविर में आधुनिकरण का बेहद इस्तमाल किया गया है इस खोया पाया केंद्र में जो भी श्रद्धालु अपने परिवार वालों से बिछड़ जाते हैं उनकी डिजिटल मैपिंग के जरिए उनकी  तस्वीर जगह-जगह प्रदर्शित होती है।

कुंभ मेले के मौनी अमावस्या स्नान एक ऐसा स्नान  होता है जिसमें सबसे ज्यादा श्रद्धालु देश दुनिया से आते हैं और ऐसे में श्रद्धालुओं के बिछड़ने का सिलसिला भी शुरू होता है।

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बिछड़े लोगों को जल्द से जल्द मिलवाने के लिए इस बार सरकार ने हाईटेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है जगह जगह उनकी फोटो और डिटेल्स प्रर्दशित करके उनको जल्द खोजने का काम करता है।

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