राहुल गांधी सितंबर तक बन सकते हैं कांग्रेस प्रेसिडेंट

कांग्रेस प्रेसिडेंटनई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का जल्द ही पार्टी में प्रमोशन होने जा रहा है। पार्टी सूत्रों से मिली ख़बरों की मानें तो इस साल सितंबर तक राहुल की ताजपोशी कांग्रेस प्रेसिडेंट पद पर हो सकती है। राहुल को जनवरी 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम का खुलासा ना करने की शर्त पर बताया कि सितंबर तक राहुल को कांग्रेस प्रेसिडेंट पद की जिम्मेदारी दे दी जायगी। पार्टी इसमें अब ज्यादा समय नहीं गंवाना चाहती है।

कांग्रेस के इस फैसले को यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। यूपी चुनाव में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत कुमार भी राहुल गांधी का नाम मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर लिया।

हालांकि कांग्रेस के रणनीतिकारों को ये भी डर लगता है कि अगर यूपी चुनाव में अगर कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहता है तो इसका असर राहुल गांधी की आगे की राजनीति पर पड़ेगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मई महीने में संकेत दिए थे कि राहुल गांधी को कांग्रेस प्रेसिडेंट का पद देना पार्टी को लगातार मिल रही हारों से कोई लेना-देना नहीं है।

बीते महीने पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा था कि राहुल गांधी ही असल में कांग्रेस अध्यक्ष हैं, बस उन्हें आधिकारिक तौर पर अध्यक्ष बनाना है।

जयराम रमेश ने कहा था कि राहुल जल्द से जल्द कांग्रेस प्रेसिडेंट पद संभालें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिना किसी देरी के पार्टी को लड़ाई के लिए तैयार करें।

जयराम रमेश से पहले कांग्रेस के कई कद्दावर नेता राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की वकालत करते रहे हैं। कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने आलोचनाओं की परवाह किए बगैर पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी को मेजर सर्जरी की जरुरत है।

हालाँकि दिग्विजय सिंह के मेजर सर्जरी वाले बयान की कांग्रेस के कद्दावर नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने जमकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि मेजर सर्जरी जैसे बयान देने वाले नेताओं को खुद आत्मपरीक्षण करने की जरुरत है कि कांग्रेस का इतना लचर प्रदर्शन क्यों रहा।

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