करीब 15 घंटे तक बदमाशों ने आंख पर बांधी पट्टी, फिर किया कमरे में बंद

करीब 15 घंटे तक बदमाशों के कब्जे में रहा नमो अभी भी बेहद सहमा है। कई बार पूछने पर वह बोला कि हमारे आंख पर पट्टी बांध दी। उसके बाद कार से किसी के घर ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर दिया। खाने में एक चिप्स का पैकेट दिया था। कमरे के पर्दे खोलने पर कहा कि डॉगी अभीभौंकेगा। थोड़ी-थोड़ी देर में कभी दो-दो लोग कमरे में आते रहे।

आंटी अंदर नहीं आईं। सभी ने चेहरे ढक रखा था।बेटे को गोद गले लगाते ही मां की आंखों से निकल पड़े आंसू, बोली थैंक्यू पुलिस-जैसे ही परिवारजनों को सुबह सूचना मिली कि पुलिस की मुठभेड़ के बाद नमो मिल गया है और वह सुरक्षित है। मानो मां शिल्पी की जान में जान आ गई।वह ईश्वर को धन्यवाद देने लगीं। उसे कितनी जल्द अपनी आंखों से देख लें, यह सोचकर बेचैन होने लगीं। जैसे ही एडीजी प्रशांत कुमार ने बच्चे को अपनी गोद में लेकर मां की गोद में दिया तो, मां की आंखों से आंसू छलक पड़े। पुलिस को थैंक्यू बोलते हुए लख्ते जिगर को गले से लगा लिया। यहां मौजूद हर कोई पुलिस की तारीफ करने से खुद को रोक न सका।भोजन-पानी तज रातभर ईश्वर की वंदना करते रहे परिवारजन- बेटे के अपहरण के बाद पिता हरीश उर्फ हरी गुप्ता, मां शिल्पी गुप्ता के साथ परिवारजन पूरी रात जागते रहे और रोते रहे। मां ने निवाला तो दूर एक घूंट पानी भी ना पिया। वह कलेजे के टुकड़े के लिए रोती रही और भगवान से प्रार्थना करती। नमो के बाबा राजेश गुप्त किराना व पान मसाले के थोक व्यवसायी हैं। इनके के दो बेटे हैं। बड़े पुत्र रामजी गुप्ता और छोटे हरीश उर्फ हरि गुप्ता। दोनों ही उनके साथ संयुक्त रूप से व्यवसाय में शामिल रहते हैं। बाबा राजेश पूरी रातबालाजी भगवान से बच्चे की कुशलता मनाते रहे। आरुष उर्फ नमो सनराइज किड्स कान्वेंट स्कूल का छात्र है। वह विद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेता रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक केएल वर्मा बच्चे की सकुशल वापसी से भावुक हो उठे। कहते हैं पुलिस ने कमाल कर दिखाया।

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