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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर बोले मोदी, कहा- कानून सबके लिए एक बराबर

इलाहाबाद हाईकोर्टलखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ तमाम बड़े दिग्गज नेता एक मंच पर एक साथ मौजूद हुए. मंच से सीएम योगी ने कहा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं तो पीएम ने कहा कि योगी आएं है तो अब अपराधियों का भागना कम होगा. साथ ही उन्होंने SMS से मुकदमों की तारीख बताने की बात पर जोर दिया और कहा कि  न्याय व्यवस्था में मोबाइल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.  

एशिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थापना दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. ये कार्यक्रम इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे करने पर आयोजित किया गया. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर समेत कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की.

इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ फैसले मील के पत्थर हैं. यहीं से मदनमोहन मालवीय जैसे महान वकील निकले. साथ ही अदालत ने कई नामचीन वकील और जज दिए. यहां तक कि राम मंदिर केस में भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.

कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब-जब लोकतंत्र पर संकट आया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरी निष्ठा के साथ उसे बचाया. न्यायालय ने कुछ ऐसे फैसले दिए, जिसने भारतीय समाज को नई दिशा दी. वैसे समाज कानून से चलाता है और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवशाली रहा है. वैसे भी कानून से बढ़कर कोई नहीं है. कानून से ही शिकायतों का हल निकलता है. न्यायिक प्रणाली पर चिंतन अमूल्य है. यहां तक कि कानून का स्थान शासक से बढ़कर है. न्याय और विधि एक दूसरे के पूरक हैं और इंसाफ देना सबसे बड़ा धर्म है.

बड़ी बात यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक ही मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाइक, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर सहित कई नामचीन हस्तियां मौजूद थे. इस दौरान हाईकोर्ट के 150वें साल के कार्यक्रम में मंच पर पीएम मोदी ने दीप प्रज्जवलित किया.

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना हाईकोर्ट है. इसकी स्थापना 1866 में हुई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस सर वॉल्टर मॉर्गन थे. स्थापना के वक्त हाईकोर्ट में सिर्फ 6 जज ही थे. अब हाईकोर्ट में जजों के 160 पद. करीब 17 हजार वकील हाईकोर्ट से जुड़े हुए.

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