आईपीएल मैचों में एमआरपी पर ही मिलेगा खाने-पीने का सामान

आईपीएल मैचइंदौर। आईपीएल मैच में एमआरपी से ज्यादा मूल्य पर खाद्य वस्तु और पेय पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए 9 सदस्यीय दल गठित किया गया है। यह दल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी करेगा। इस विशेष दल में कलेक्टर कार्यालय, पुलिस विभाग, वाणिज्य कर विभाग, खाद्य विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, नापतौल विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।

बता दें कलेक्टर के उक्त आश्वासन के बाद हाई कोर्ट ने उस जनहित याचिका को रद्द कर दिया जिसमें मैच के दौरान खाद्य वस्तुओं की एमआरपी से दोगुने-तीगुनी दर पर बिक्री का मुद्दा उठाया गया था। यह जनहित याचिका अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की ओर से अध्यक्ष मेहताब सिंह कौरव ने दायर की थी।

याचिका में कहा था कि इंदौर में 8 और 10 अप्रैल को हुए आईपीएल मैचों के दौरान स्टेडियम के भीतर खाने-पीने की वस्तुएं बेचने का ठेका डोमिनोज और सब वे के पास था।

जिसका फायदा उठाते हुए इन दोनों कंपनियों ने एमआरपी से दोगुने-तीगुने दर पर खाद्य वस्तुएं और पेय पदार्थ बेचे और ग्राहकों को बिल भी नहीं दिया गया।

याचिकाकर्ता ने कलेक्टर को इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जिसके बाद बुधवार को कोर्ट ने कलेक्टर से 24 घंटे में जवाब मांगा था कि शिकायतों के बावजूद अवैध बिक्री को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए?

फिर गुरुवार को कलेक्टर की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत हुआ जिसमे कहा गया था कि डोमिनोज और सब वे की इस लूट को रोकने के लिए विशेष दल बनाया गया है। जिसके बाद शासन की ओर से दिए इस आश्वासन के मद्देनजर  कोर्ट ने उक्त याचिका रद्द कर दी।

गौरतलब है की अब से आईपीएल मैचों के दौरान हर कंपनी को अपने सभी ग्राहकों की खरीदी हर छोटी व बड़ी वस्तु का उसे बिल देना अनिवार्य होगा।

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