अगर युद्ध हुआ तो भारी पड़ेगी पाक सेना, हमारे पास नहीं हैं ये दो खास हथियार

हथियारनई दिल्ली। उरी हमले के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ गया है। दोनों तरफ से युद्ध की बातें हो रही हैं। लेकिन क्या भारतीय सेना युद्ध के लिए तैयार है? खबरों के अनुसार भारतीय सेना इस वक्त बुनियादी हथियारों की तंगी से जूझ रही है। सेना के कई मौजूदा और रिटायर्ड अधिकारियों के मुताबिक सेना को असॉल्ट राइफल, कार्बाइन और आर्टिलरी गन जैसे बेसिक आइटम्स की जरूरत है।

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इसके साथ ही उसे एयर डिफेंस गन और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम्स जैसे हाई-एंड वेपन भी चाहिए। इन्हें खरीदने की प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है। डिफेंस मिनिस्ट्री सेना के मॉडर्नाइजेशन के लिए पूरे बजट को खर्च करने में नाकाम रही है। इस वजह से 2016-17 के बजट एलोकेशन में कमी की गई थी। गोला-बारूद की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने को लेकर भी चिंता है। सप्लाई के मौजूदा स्तर के मद्देनजर सेना कुछ दिनों तक ही दुश्मन का सामना कर सकती है।

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सेना को लगभग 1.8 लाख नई असॉल्ट राइफलों की जरूरत है। सेना के पास कार्बाइन की भारी कमी है, जिनकी जरूरत आमने-सामने की लड़ाई में होती है। 1980 के दशक में बोफोर्स घोटाले के बाद से कोई मॉडर्न जेनरेशन आर्टिलरी गन नहीं खरीदी गई है। अभी इसके लिए K9 वज्र टी होवित्जर और M 777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर के दो एक्विजिशन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई डील साइन नहीं की गई है। सेना पुरानी L70/ZU 23 गनों को बदलना चाहती है। ये 1960 के दशक से सेना के पास हैं।

 

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