
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और देश की एकता व अखंडता का संदेश दिया। इस मौके पर भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं, खिलाड़ियों और प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के सदस्यों के लिए कई कल्याणकारी घोषणाएं भी कीं।
सीएम धामी ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से रियासतों का एकीकरण कर एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी सबसे पहली पहचान ‘भारतीय’ होना है, जो हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर देश के विकास के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने बताया कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और गुजरात में ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ उनके योगदान का ही सम्मान है। सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
शनिवार को ही मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में भी शिरकत की। रोडवेज बस स्टैंड से रामलीला मैदान तक निकले इस मार्च में भारी संख्या में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनकल्याण, सुशासन और लोकतंत्र को मजबूत करना था। धामी ने युवाओं से अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने, खेलों और योग को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। साथ ही, ‘नशामुक्त उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने के लिए उन्हें नशे से दूर रहने की सलाह दी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जोशीमठ क्षेत्र में बद्रीनाथ धाम से लौट रहे तीर्थयात्रियों के दर्दनाक हेलिकॉप्टर हादसे पर गहरा शोक भी व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और भगवान बद्री विशाल से दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।




