WHATS APP इस्तेमाल करते हैं तो ज़रूर पढ़ें ये खबर, पहले मुक़दमे से उठा नए नियमों से पर्दा

WHATS APPलखनऊ। ताजनगरी आगरा में गुरुवार को WHATS APP ग्रुप के एडमिन के खिलाफ पहली बार मुकदमा दर्ज किया गया है। एडमिन ने एक शोध छात्रा को बिना अनुमति लिए ग्रुप में जोड़ लिया था। यही नहीं उसने ग्रुप सदस्यों के साथ मिलकर ग्रुप में शामिल कई अन्य छात्राओं और उनके मजहब पर आपत्तिजनक बातें पोस्ट की थीं।

लोहामंडी क्षेत्र निवासी अल्पसंख्यक छात्रा डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से शोध कर रही है। वो एक स्कूल में पढ़ाती भी है। छात्रा के मुताबिक, 13 अप्रैल को उसके मोबाइल नंबर को एक अपरिचित वाट्सएप ग्रुप ने अपने से जोड़ लिया। उसने खुद को ग्रुप से लेफ्ट किया, तो एडमिन ने दोबारा जोड़ लिया। इसके बाद अल्पसंख्यक संप्रदाय की युवतियों और उनके धर्म के बारे में आपत्तिजनक बातें पोस्ट करने लगा।

विरोध पर एडमिन ने दी धमकी

शोध छात्रा ने एडमिन से इसका विरोध किया, तो ग्रुप के कुछ और सदस्य उसके समर्थन में आ गए। उन्हें कई बार समझाने का प्रयास किया लेकिन एडमिन और उसके साथी गाली-गलौज और धमकी देने पर उतर आए, इससे वह दहशत में आ गई।

परिजनों के साथ गई मुकदमे को

धमकी और आपत्तिजनक पोस्ट से तनाव में आई शोध छात्रा ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजनों की सलाह पर शोध छात्रा ने गुरुवार को लोहामंडी थाने पहुंच ग्रुपएडमिन के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, युवतियों को लेकर अश्लील बातें पोस्ट करने और आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

इंस्पेक्टर जगदंबा सिंह ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर ग्रुप एडमिन और ग्रुप के सदस्यों का पता लगाया जा रहा है।

कई बार छोड़ा ग्रुप

धर्म और अपने खिलाफ अश्लील भाषा पोस्ट करने पर शोध छात्रा समेत कई युवतियों ने छह-सात बार वाट्सएप ग्रुप छोड़ा। इसके बावजूद एडमिन ने उन्हें बार-बार ग्रुप में शामिल कर लिया। पुन: जोड़ने के बाद एडमिन ने ग्रुप में पहले से ज्यादा अश्लील बातें पोस्ट कीं। धार्मिक भावनाएं भड़काने और युवतियों से अश्लील भाषा का प्रयोग करने के मामले में एडमिन के अलावा ग्रुप के सात सदस्य भी फंस सकते हैं। इन सदस्यों के मोबाइल नंबर शोध छात्रा ने मुकदमे में दर्ज कराए हैं। यह नंबर किन लोगों के हैं, कहां के रहने वाले हैं, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

स्नातक हैं अधिकांश सदस्य

शोध छात्रा के मुताबिक, ग्रुप के अधिकांश सदस्य स्नातक और उच्च शिक्षित हैं। इसके बावजूद उन्होंने एक धर्म और युवतियों के बारे में काफी आपत्तिजनक बातें पोस्ट कीं।

WHATS APP के नियम…

ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेदारी

हाल ही में आए अदालत के एक निर्णय ने वाट्सएप ग्रुप एडमिन को यह राहत भले ही प्रदान की हो कि वह ग्रुप के सदस्यों की ओर से पोस्ट की गई किसी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकता। इसके बावजूद इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

1- जिसको अपने ग्रुप से जोड़ रहा है, पहले उससे अनुमति लेनी चाहिए।

2- कोई सदस्य आपत्तिजनक बातें पोस्ट कर रहा है, तो चेतावनी दे।

3- इसके बाद भी यदि सदस्य नहीं मानता है, तो उसे ग्रुप से रिमूव करे।

4- ग्रुप में युवतियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी और धार्मिक वैमनस्यता बढ़ाने वाली सामग्री पोस्ट न हो।

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