उत्तराखंड

उत्तराखंड: सीएम धामी ने गैरसैंण में पेश किया 7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, विकास कार्यों और अग्निवीरों के कल्याण पर विशेष जोर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इस अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार, आगामी अर्ध कुंभ मेले की भव्य तैयारियों और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को निर्बाध गति प्रदान करना है।

विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले, मुख्यमंत्री ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवंगत हीरा सिंह बिष्ट को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि इस अनुपूरक बजट के माध्यम से उन सभी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है, जिनका प्रावधान राज्य के मुख्य बजट में किया गया था। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विकास कार्य धन की कमी के कारण न रुके।

इसके अतिरिक्त, इस बजट में कई नई और अभिनव योजनाओं को भी शामिल किया गया है। इनमें विशेष रूप से गैरसैंण में एक नई झील का निर्माण, जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाएं और कुंभ मेले के सफल आयोजन की व्यवस्थाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रही मौजूदा विकास योजनाओं की फंडिंग में भी इजाफा किया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्य की जनता के साथ अपना विजन साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि गैरसैंण में पेश किया गया यह 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विकास कार्यों को तेज करने और जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने के अपनी सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया।

धामी ने जोर देकर कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के चौतरफा विस्तार के जरिए राज्य की विकास यात्रा को एक नई ऊर्जा दी जा रही है। उनका मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड को देश के सबसे अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

सैन्य सम्मान और जवानों के कल्याण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और उनके परिवारों की भलाई के लिए पूरी तरह से समर्पित है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ का गठन किया गया है।

यह पहल सेवानिवृत्त अग्निवीरों के पुनर्वास, रोजगार और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड को केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा, संस्कृति और गौरव की संज्ञा देते हुए इस पवित्र भूमि को बार-बार नमन किया।

Related Articles

Back to top button