
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव-2026’ के दौरान खटीमा को ‘मिनी इंडिया’ यानी छोटे भारत की संज्ञा दी है। राज्य जनजातीय शोध संस्थान के तत्वावधान में खटीमा के पीलीभीत रोड स्थित नवीन मंडी में 4 से 6 अक्टूबर तक इस भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस रंगोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को सहेजना और उसे बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न समुदायों की भारी भागीदारी और उनके उत्साह पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज खटीमा की सड़कों पर समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आ रहे हैं, जो हमारी विविधता में एकता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने बताया कि हमारी माताएं-बहनें, जनजातीय समुदाय के लोग, बंगाली और पंजाबी समाज से लेकर पूर्वांचल और पहाड़ी क्षेत्रों के लोग यहाँ एकजुट होकर इस उत्सव का हिस्सा बने हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों से आए लोगों द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा मनमोहक छोलिया नृत्य इस आयोजन की शोभा को और भी बढ़ा रहा है।सीएम धामी ने कहा कि यहां बसने वाले हर समुदाय की उपस्थिति ने इस जगह को एक सच्चे ‘मिनी इंडिया’ में बदल दिया है और यही हमारे देश की असली पहचान है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि साल 2014 से ही आदिवासी और समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी प्रगति को रफ्तार देने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।राज्य सरकार का पूरा ध्यान जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर बुनियादी ढांचे से जोड़कर उन्हें पूरी तरह से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है।
कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना’ के तहत जनजातीय समाज के लिए पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 घरों का निर्माण कराया जा चुका है। इसके साथ ही, ‘अटल आवास योजना’ के नियमों को अधिक व्यावहारिक और जन-अनुकूल बनाते हुए घर बनाने के लिए मिलने वाली निर्माण लागत की सीमा में भी बढ़ोतरी की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार इसका सीधा लाभ उठा सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि ‘आश्रम पद्धति’ वाले स्कूलों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास व विस्तार के लिए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धनराशि आवंटित की गई है, जिससे आदिवासी समाज के युवा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकें।
इस भव्य जनजातीय उत्सव के दौरान कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इसके साथ ही, राज्य मंत्री अजय टम्टा भी इस अवसर पर मौजूद रहे और उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति को सहेजने के लिए किए जा रहे इन अहम प्रयासों की जमकर सराहना की।



