राहुल गांधी का दावा- संसद में बोलने से रोका गया, मानसून सत्र के पहले दिन हंगामा
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे, नारेबाजी और वॉकआउट के बीच कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में बोलने से रोका गया, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सरकार के अन्य सदस्यों को बोलने की अनुमति दी गई।

राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं, बोलना मेरा हक है, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जाता। यह नया दृष्टिकोण है। परंपरा कहती है कि अगर सरकार की ओर से लोग बोल सकते हैं, तो हमें भी बोलने का मौका मिलना चाहिए।” उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह “सदन से एक सेकंड में भाग गए।”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल का समर्थन करते हुए कहा, “विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए।”
सदन में हंगामा और स्थगन
लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने ऑपरेशन सिंदूर और 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर वेल में नारेबाजी की। स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल के बाद चर्चा का आश्वासन दिया, लेकिन हंगामा जारी रहने पर सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पहले दिन नारेबाजी उचित नहीं। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की 2:30 बजे होने वाली बैठक में एजेंडा तय होगा।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आश्वासन दिया कि सरकार स्पीकर द्वारा स्वीकृत किसी भी मुद्दे पर विस्तृत चर्चा को तैयार है।
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खarge ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया। उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के आतंकियों को अब तक पकड़ा या खत्म नहीं किया गया। ट्रंप ने 24 बार दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से युद्धविराम हुआ, जो देश का अपमान है।” बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने जवाब दिया, “हम ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा को तैयार हैं। यह पीएम मोदी के नेतृत्व में अभूतपूर्व कार्रवाई थी।” इसके बावजूद विपक्ष ने वॉकआउट किया।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हमले किए। विपक्ष ने सरकार से हमले की सुरक्षा चूक, ऑपरेशन की जानकारी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम मध्यस्थता के दावों पर जवाब मांगा। इंडिया गठबंधन ने 19 जुलाई को वर्चुअल बैठक में इन मुद्दों को सत्र में उठाने का फैसला किया था।