
देश में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से दो दिल दहला देने वाले मामले सामने आए हैं, जो समाज में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं।
कर्नाटक के हुबली में 13 साल की बच्ची के साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न
कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ तीन नाबालिग लड़कों (उम्र 14-15 वर्ष) ने एक सप्ताह से अधिक समय तक यौन उत्पीड़न किया। घटना तब सामने आई जब पीड़िता के माता-पिता काम पर बाहर रहते थे और आरोपी मौका पाकर घर में घुस आते थे।
हुबली-धारवाड़ पुलिस आयुक्त एन शशिकुमार ने बताया कि शिकायत मिलते ही पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की गई है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपियों द्वारा घटना का वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने की भी बात सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि हुबली में इसी दिन दो अलग-अलग पॉक्सो मामले दर्ज हुए, जिनमें कुल सात नाबालिग आरोपी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 6 साल की बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या
बुलंदशहर के सिकंदराबाद क्षेत्र में 2 जनवरी 2026 को एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची लापता हो गई। बाद में उसका शव घर के पीछे खेत में मिला। पोस्टमॉर्टम में सामूहिक यौन उत्पीड़न और हत्या की पुष्टि हुई। आरोपियों ने अपराध छिपाने के लिए बच्ची को छत से फेंक दिया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—राजू (बलरामपुर निवासी) और वीरू कश्यप (लखीमपुर खीरी निवासी)—को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया। दोनों किराएदार थे और नशे की हालत में थे। बच्ची के शोर मचाने पर गला घोंटकर हत्या की गई। मामले में BNS और पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।




