
लखनऊ: राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र से जबरन वसूली और सरेराह लूटपाट का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ वृंदावन मोड़ के पास कार सवार बदमाशों ने खुद को फाइनेंस कंपनी की रिकवरी टीम बताकर एक युवक को रोका और उसकी बाइक सहित ₹10,000 नगद लूटकर फरार हो गए। पीड़ित ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को बदमाशों का मोबाइल नंबर और गाड़ी का नंबर मिल गया है, जिसके आधार पर तलाश तेज कर दी गई है।
आरोपियों ने खुद को बताया ‘बजाज रिकवरी टीम’
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित सौरभ कुमार दुबे आज सुबह अपनी बजाज प्लेटिना 110 बाइक (संख्या: UP32NK4574) से पीजीआई हॉस्पिटल जा रहे थे। जैसे ही वह पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वृंदावन मोड़ के पास पहुंचे, तभी एक ब्राउन रंग की डैटसन गो प्लस (Datsun Go+) कार ने उनकी बाइक के आगे अपनी गाड़ी लगाकर उनका रास्ता रोक लिया।
ID मांगते ही की धक्कामुक्की और तलाशी
पीड़ित सौरभ कुमार दूबे ने बताया कि कार से करीब 4 से 5 लोग नीचे उतरे। उन्होंने खुद को बजाज फाइनेंस की रिकवरी टीम का सदस्य बताया। जब पीड़ित ने उनसे उनका आईडी कार्ड (ID Card) और अथॉरिटी लेटर (Authority Letter) दिखाने को कहा, तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने जबरन बाइक की चाबी निकाल ली और पीड़ित के साथ धक्कामुक्की करते हुए उसकी जेबों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। बदमाशों ने पीड़ित के जेब में रखे ₹10,000 नगद भी छीन लिए। और वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों में से एक व्यक्ति पीड़ित की बजाज प्लेटिना बाइक लेकर रफूचक्कर हो गया, जबकि बाकी के आरोपी अपनी ब्राउन रंग की डैटसन गो प्लस कार से मौके से फरार हो गए। जाते-जाते पीड़ित सोरभ कुमार दूबे ने बदमाशों की कार का नंबर UP32KZ9886 नोट करने में कामयाब रहा। इसके साथ ही आरोपियों का एक मोबाइल नंबर 7080807916 भी सामने आया है, जिससे पीड़ित से संपर्क किया गया था या घटना के दौरान इस्तेमाल हुआ था।

पुलिस जांच में जुटी, सर्विलांस पर लगा नंबर
पीड़ित ने तुरंत इस घटना की सूचना यूपी पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘112’ और स्थानीय पीजीआई थाने को दी है। पुलिस ने कार के नंबर, आरोपियों के मोबाइल नंबर (7080807916) और पीड़ित द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस साइबर सेल और सर्विलांस टीम की मदद से मोबाइल नंबर की लाइव लोकेशन और सीडीआर खंगाल रही है। ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके।


