
संभल जिले के सबसे संवेदनशील और चर्चित मामलों में शुमार शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद की आज (8 जनवरी 2026) चंदौसी स्थित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अदालत में सुनवाई निर्धारित है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका और स्टे ऑर्डर के कारण सुनवाई आगे टलने की संभावना है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब हिंदू पक्ष के कुछ लोगों ने दावा किया कि शाही जामा मस्जिद की जगह पर पहले हरिहर मंदिर था, जो धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण था। हिंदू पक्ष का कहना है कि मुगल काल में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई और अब मंदिर का पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।
इस मामले में कैला देवी धाम के महंत सहित आठ लोगों ने मुकदमा दायर किया है। उनका दावा है कि यह स्थान मूल रूप से हरिहर मंदिर का है और यहां हिंदू पूजा-अर्चना होती रही है। वहीं, मस्जिद प्रबंधन समिति और मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह जगह सदियों से मस्जिद है, यहां नियमित नमाज होती रही है और यह विवाद धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला है। इसे कानूनी तरीके से शांतिपूर्वक सुलझाया जाना चाहिए।
पिछले साल नवंबर में कोर्ट ने मस्जिद का सर्वे कराया था, जिसके दौरान हिंसा हुई और चार लोगों की मौत हो गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही पर स्टे लगा दिया था। दिसंबर 2025 में भी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट स्टे के कारण 8 जनवरी 2026 तक टाली गई थी।
आज की सुनवाई में दोनों पक्ष अपने वकील के माध्यम से दलीलें पेश करने को तैयार हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के निर्देशों तक कोई बड़ा फैसला आने की संभावना कम है। अलग से, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी हाल ही में संबंधित याचिका पर सरकार और ASI से जवाब मांगा है और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर 25 फरवरी तक स्टे लगा रखा है।




