
लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny’ का जिक्र कर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने किताब के हवाले से 2020 के लद्दाख गतिरोध और डोकलाम में चीनी टैंकों के मुद्दे उठाए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और सत्ता पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि अप्रकाशित किताब के अंश सदन में नहीं पढ़े जा सकते (नियम 349 के तहत)। स्पीकर ने राहुल गांधी को केवल राष्ट्रपति धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति दी, लेकिन वे नहीं माने और हंगामा जारी रहा। अंत में सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई।
जनरल एम.एम. नरवणे कौन हैं?
वे भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख (2019-2022) हैं। फौजी परिवार से ताल्लुक, पिता वायुसेना अधिकारी थे। एनडीए और आईएमए से शिक्षा, डिफेंस स्टडीज में एमफिल। 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन। जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका। 2022 में सेवानिवृत्त हुए।



