
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पेशल कोर्ट के सामने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने बताया है कि महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग सेंटर चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने केमिस्ट्री के सवालों के लिए पांच लाख रुपये की मोटी रकम दी थी। उसने यह पैसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पेपर-सेटर पैनल के सदस्य पीवी कुलकर्णी को दिए थे।
सीबीआई ने कोर्ट को जानकारी दी है कि रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के मालिक मोटेगांवकर ने अपनी बेटी का दाखिला जानबूझकर कुलकर्णी की कोचिंग में कराया था। इसी जगह से उसे परीक्षा से पहले लीक हुए सवाल उपलब्ध कराए गए। आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उसने सह-आरोपी के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी। सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरुरे की निशानदेही पर सीबीआई ने सवालों के बदले दी गई वह रकम भी बरामद कर ली है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सुराग आरोपी के मोबाइल फोन से मिला है। फोन की बारीकी से जांच करने पर सीबीआई को कुल 36 तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों में मोटेगांवकर की खुद की लिखावट में केमिस्ट्री के 132 सवाल दर्ज थे। मेटाडेटा की जांच से यह पूरी तरह साबित हो गया है कि ये तस्वीरें तीन मई को परीक्षा से ठीक दस दिन पहले खींची गई थीं।
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि मोबाइल में मिले इन सवालों में से 111 सवाल सीधे एनटीए के मास्टर क्वेश्चन सेट से हूबहू मेल खाते हैं। इस गंभीर अपराध और धोखाधड़ी के मामले में जांच एजेंसी अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बंद हैं।




