शहीद लोकेश पंचतत्व में हुए विलीन, लोगों ने नम आंखों से वीर सपूतों को दी श्रद्धांजलि

सिक्किम में 23 दिसंबर को सेना का ट्रक खाई में गिरने से हुए सड़क हादसे में 16 जवान शहीद हो गए थे. जिनमें 3 जेसीओ और 13 जवान शामिल थे।उनमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के लोकेश, एटा के भूपेन्द्र सिंह और उन्नाव के रहने वाले श्याम सिंह यादव. चारों शहीदों का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास पहुंचा। हजारों लोगों की भीड़ शहीदों की अंतिम यात्रा में शामिल हुई. लोगों ने नम आंखों से वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी। 

मुज़फ्फरनगर के लाल लोकेश पंचतत्व में विलीन 
मुज़फ्फरनगर के थाना भोपा के गांव युसुफपुर के किसान उदयवीर के बेटे लोकेश कुमार 25 ग्रिनेडियर में लांस नायक के पद पर तैनात थे। सिक्किम में हुए हादसे के तीन दिन बाद आज उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा. सैकड़ों ट्रैक्टर व हजारों की भीड़ शहर से गांव तक शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुई। शहर से 16 किमी दूर गांव तक लोगों ने पुष्प वर्षा कर शहीद लोकेश को अंतिम विदाई दी। गांव पहुंचने पर सेना के अधिकारियों व जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर अर्पित कर व शस्त्र शोक के साथ अंतिम सलामी दी। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, क्षेत्रीय विधायक चंदन चौहान व डीएम एसएसपी समेत सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। 

लोकेश के पिता ने बताया कि लोकेश कुमार खेल कोटे से नवंबर 2012 में सेना में भर्ती हुआ थे, लोकेश कुमार पिछले साल ही 25 ग्रिनेडियर में लांस नायक के पद पर तैनात हुए थे। शहीद लोकेश की घर पर आखिरी बार 22 दिसंबर की रात को बात हुई थी. उन्होंने अगले दिन किसी मिशन के लिए पहाड़ों पर जाने की बात कही थी। 

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