
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को 7 दिनों के अंदर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि इस इमारत के खिलाफ वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था, जिसे बाद में रहस्यमय तरीके से निरस्त कर दिया गया था। इस पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
सरकार ने लापरवाही बरतने वाले 4 अधिकारियों (बिजली, अग्निशमन और LDA) को तत्काल निलंबित कर दिया है। इमारत के मालिक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है।




