
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। जिले के बिठूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मंधना पुलिस चौकी के ठीक सामने खड़े कई वाहनों में बुधवार तड़के अचानक भीषण आग लग गई।
ये सभी वाहन पुलिस द्वारा विभिन्न आपराधिक और कानूनी मामलों में जब्त किए गए थे और इन्हें जीटी रोड फ्लाईओवर के नीचे खड़ा किया गया था। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि देखते ही देखते करीब आधा दर्जन गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं और पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं।
घटना के दौरान आग की तपिश के कारण जलते हुए वाहनों के टायर भीषण धमाकों के साथ फटने लगे। एक के बाद एक हुए इन जोरदार धमाकों और आसमान छूती आग की लपटों को देखकर सुबह-सुबह जीटी रोड हाईवे से गुजर रहे राहगीरों और आसपास के दुकानदारों में भारी दहशत और अफरातफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। खबर मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।
दमकलकर्मियों ने अपनी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भड़कती आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा लिए जाने के कारण वहां खड़े कई अन्य वाहन आग की चपेट में आने से बच गए। गनीमत यह रही कि इस भयंकर अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
हालांकि, पुलिस चौकी के बिल्कुल सामने, जहां 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी मानी जाती है, वहां जब्त किए गए वाहनों में इस तरह आग लगने से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिठूर पुलिस इस घटना को बेहद संदिग्ध मान रही है। प्रथम दृष्टया यह आशंका जताई जा रही है कि किसी शरारती या असामाजिक तत्व ने सबूत मिटाने या महज खुराफात के उद्देश्य से जानबूझकर इन गाड़ियों में आग लगाई होगी।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों और इसके पीछे के दोषियों का पता लगाया जा सके।



