
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को “अद्वितीय संस्थान निर्माणकर्ता” करार देते हुए 1959 में लिखे एक महत्वपूर्ण पत्र को X पर साझा किया। यह पत्र नेहरू ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस विवियन बोस को लिखा था, जिसमें उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों के लिए गहरा खेद और माफी व्यक्त की थी।
रमेश ने पोस्ट में लिखा, “कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच के रिश्ते को लेकर बहुत कुछ कहा जाता है। यहां 26 जून 1959 को प्रधानमंत्री द्वारा जस्टिस विवियन बोस को लिखा गया एक अद्वितीय माफी पत्र है। सच में, नेहरू एक अद्वितीय संस्थान निर्माणकर्ता थे!”
पत्र में नेहरू ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जस्टिस बोस के बारे में की गई टिप्पणियों को “गलत” बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं। उन्होंने लिखा कि वे उस समय सवालों से अचंभित और मानसिक रूप से परेशान थे। नेहरू ने माफी मांगते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही कोलकाता बार लाइब्रेरी क्लब के सचिव को जवाब दिया था और उसकी कॉपी जस्टिस बोस को भेजी थी।
यह घटना मुंधड़ा घोटाले की जांच से जुड़ी थी, जहां जस्टिस बोस जांच कर रहे थे। रमेश का यह पोस्ट कार्यपालिका-न्यायपालिका संबंधों पर बहस के बीच आया है।
रमेश ने हाल ही में भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड समझौते की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत ने वाशिंगटन को ज्यादा रियायतें दी हैं, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिला। ट्रंप और उनकी टीम ने मोदी सरकार के दावों की हवा निकाल दी।



