
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र स्थित टापरपुरवा गांव से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार की शाम को एक आदमखोर तेंदुए ने पिता और दो बड़े भाइयों की आंखों के सामने छह साल के मासूम बच्चे मनजोत सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया और उसे गन्ने के घने खेत में खींच ले गया।
यह खौफनाक वाकया उस वक्त हुआ जब मनजोत शाम करीब छह बजे अपने चाचा के घर से खेलकर अपने भाइयों अंग्रेज सिंह और अनमोल सिंह के साथ वापस लौट रहा था। गांव के निवासी जोगा सिंह का घर और उनके छोटे भाई का मकान महज 50 मीटर की दूरी पर है और इन दोनों घरों के बीच रास्ते के किनारे गन्ने का खेत पड़ता है। जोगा सिंह अपने घर के बाहर ही खड़े थे, तभी खेत में पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक झपट्टा मारा और पलक झपकते ही मासूम को अपने जबड़े में दबाकर खेत के भीतर ओझल हो गया। परिवार वाले जब तक कुछ समझ पाते या बच्चे को बचा पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
तेंदुए के इस अचानक हुए हमले के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और वन विभाग को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंगाही थानाध्यक्ष राजबहादुर सिंह और बेलरायां के रेंजर भूपेंद्र सिंह पुलिस बल और वन कर्मियों की पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
इसके बाद ग्रामीणों की मदद से गन्ने के विशाल खेतों में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे घर से एक किलोमीटर दूर मासूम मनजोत का शव बरामद हुआ। शव की हालत इतनी भयावह थी कि देखने वालों की रूह कांप गई। तेंदुए ने बच्चे का सिर, एक हाथ और एक पैर धड़ से अलग कर दिया था।
बच्चे के गायब अंगों की तलाश के लिए वन विभाग और पुलिस की टीमों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर देर रात तक टॉर्च की रोशनी में अपना तलाशी अभियान जारी रखा। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे टापरपुरवा गांव और आसपास के समूचे इलाके में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में खौफ खा रहे हैं और गन्ने के खेतों के आसपास जाने से बच रहे हैं।
एक हंसते-खेलते बच्चे की इस तरह दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश और भय बना हुआ है।



