
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में घरेलू कलह के चलते एक पति ने अपनी पत्नी को पानी से भरी गहरी खदान में धक्का दे दिया और उसके बाद खुद भी उसी खदान में छलांग लगा दी। इस खौफनाक घटना में पति-पत्नी दोनों की डूबने से मौत हो गई। पानी से भरी खदान से दोनों के शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई।
इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में चल रहे अवैध पत्थर खनन और उससे उपजे खतरों की पोल भी खोल दी है। आरोप है कि खनन माफिया और ठेकेदार पत्थर निकालने के बाद इन गहरी खदानों को बिना सुरक्षा घेरे के ऐसे ही खुला छोड़ देते हैं। बारिश के दिनों में इन विशाल गड्ढों में पानी भर जाता है, जिसके बाद ये जानलेवा साबित होते हैं।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब इन खदानों ने किसी की जान ली हो। झांसी के प्रतापपुरा, गोरामछिया और बिजौली जैसे क्षेत्रों में भी ऐसी कई गहरी खदानें मौजूद हैं, जहां पहले भी डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद इन खुली खदानों को सुरक्षित करने या बंद कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। प्रेमनगर की इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और अवैध खनन के खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




