उत्तर प्रदेशसीतापुर

सीतापुर में भीषण सड़क हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने मारी टक्कर, 5 महिलाओं की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में दीपावली के उल्लास के बीच एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। शुक्रवार, 6 नवंबर को मुंडन संस्कार के कार्यक्रम से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और उसमें सवार लोग उसके नीचे बुरी तरह दब गए।

इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच महिलाओं की जान चली गई, जबकि लगभग 20 अन्य लोग घायल हो गए हैं। त्योहार से ठीक पहले हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और राहत व बचाव कार्य के दौरान घटनास्थल पर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिसावा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरगवां रसूलपुर गांव के कई ग्रामीण एक मुंडन संस्कार के लिए पड़ोसी जिले हरदोई के रामपुर स्थित शिव मंदिर गए हुए थे। धार्मिक अनुष्ठान के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, सभी लोग खुशी-खुशी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे।

इसी यात्रा के दौरान, पिसावा थाना क्षेत्र में हिम्मतनगर चंदवापुर के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी ट्रॉली को पीछे या साइड से भीषण टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से ट्रॉली पलट गई और खुशियों से भरा सफर अचानक एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। दुर्घटना में घायल हुए करीब 20 लोगों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिसावा ले जाया गया। डॉक्टरों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन पांच घायलों की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत सीतापुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों के समुचित इलाज की निगरानी कर रही हैं।

महोली, सीतापुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) नागेंद्र चौबे ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जान गंवाने वाली सभी महिलाएं बरगवां गांव की ही रहने वाली थीं। अब तक चार मृत महिलाओं की शिनाख्त हो चुकी है, जिनमें दाताराम की पुत्री काजल, विष्णु की पत्नी सुशीला, विष्णु की पुत्री रूबी और रामकुमार की पत्नी सुनीता शामिल हैं।

वहीं, पांचवीं मृतका की पहचान के प्रयास अभी जारी हैं, जिसकी उम्र लगभग 58 वर्ष बताई जा रही है। दीपावली के दीयों की रोशनी से जगमगाने वाले बरगवां गांव में इस दुखद घटना के बाद अब मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों में चीख-पुकार मची है।

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