
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर स्थित अमन एन्क्लेव अपार्टमेंट में 82 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव का पांच दिन पुराना शव उनके ही फ्लैट में बिस्तर पर पड़ा मिला। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि उनका मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटा अपने पिता की मौत से पूरी तरह अनजान था और वह शव के पास ही बैठा रहा।
जानकारी के अनुसार, मृतक डॉक्टर प्रेम प्रकाश रतनपुर के अमन एन्क्लेव के फ्लैट नंबर ए-304 में अपने बेटे विजय श्रीवास्तव के साथ रहते थे। बुजुर्ग डॉक्टर की तीन बेटियां (अर्चना, भावना और प्रीति) हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे अपने परिवारों के साथ अलग रहती हैं। घर में केवल बुजुर्ग पिता और उनका बीमार बेटा ही मौजूद थे। मानसिक विक्षिप्त होने के कारण बेटा यह समझ ही नहीं पाया कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह भूख-प्यास से बेहाल, लगातार पांच दिनों तक अपने पिता के सड़े-गले शव के पास ही समय बिताता रहा और पड़ोसियों को भी इस बात की भनक नहीं लग सकी।
इस खौफनाक घटना का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टर की बेटी अर्चना और नाती अनमोल अचानक उनसे मिलने पहुंचे। अनमोल ने पुलिस को बताया कि उसने हाल ही में एक नई कार खरीदी थी। इसी खुशी में वे मंदिर में दर्शन करने गए थे और पूजा के बाद मंदिर का प्रसाद नाना को देने के लिए फ्लैट पर आए थे। जैसे ही उन्होंने फ्लैट का मुख्य दरवाजा खोला, वहां से बेहद तेज और असहनीय दुर्गंध आने लगी। अनहोनी की आशंका के साथ जब वे अंदर कमरे में दाखिल हुए, तो देखा कि उनके नाना का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था और उनके मामा (विजय) उसी बदबूदार माहौल में शव के पास बेसुध बैठे थे।
यह मंजर देखकर बेटी और नाती सन्न रह गए और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पनकी थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) दिनेश सिंह बिष्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फ्लैट का मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में ले लिया।
पुलिस इंस्पेक्टर के अनुसार, मृतक का बेटा मानसिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ है, जिसके कारण वह स्थिति को बयां करने या किसी को बुलाने में असमर्थ रहा। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।


