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दिल्ली पुलिस ने स्लीपर बस गैंगरेप मामले में 398 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, 51 गवाहों के नाम शामिल किए

दिल्ली पुलिस ने चलती स्लीपर बस में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में 398 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट 18 सितंबर को दाखिल की गई थी और शहर की एक अदालत ने 24 सितंबर को इसका संज्ञान लिया। इस दस्तावेज़ में मामले के 51 गवाहों के नाम शामिल हैं। यह घटना 4 अगस्त को घटी, जब किशोरी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा जाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस को दिए अपने बयान के अनुसार, वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर पहुंची और ड्राइवर व कंडक्टर को बताया कि उसे नोएडा जाना है, जिसके बाद वह स्लीपर बस में सवार हो गई। उसे कथित तौर पर बताया गया था कि बस उसी दिशा में जा रही है।

बस में क्या हुआ?

बस में चढ़ने के बाद, लड़की को कथित तौर पर एहसास हुआ कि उसमें कोई और यात्री नहीं है और उसने उतरने की कोशिश की। उसके बयान के अनुसार, कंडक्टर ने उसे जबरदस्ती वापस बस में खींच लिया। पुलिस ने बताया कि दिल्ली की ओर जा रही बस में कथित यौन उत्पीड़न की घटना घटी। आरोपियों की पहचान यात्रियों के बजाय बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में हुई है। बस ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक लगभग 47 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी, जहां कथित तौर पर लड़की को छोड़ दिया गया था। इसके बाद उसने स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क किया।

पुलिस ने बस का पता लगाया और आरोपी को गिरफ्तार किया

शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से तिमारपुर के एक पार्किंग क्षेत्र में बस का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, कुलदीप और संदीप को चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपपत्र में लड़की के चचेरे भाई, उसके माता-पिता, मरम्मत केंद्र के कर्मचारियों और जांच अधिकारियों सहित 51 गवाहों के बयान शामिल हैं। पुलिस ने मामले में फोरेंसिक साक्ष्य का भी हवाला दिया है। आरोपपत्र के अनुसार, दोनों आरोपियों के डीएनए नमूने बस और लड़की के कपड़ों से बरामद नमूनों से मेल खाते हैं। वीर्य और बालों के रेशों सहित जैविक नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।

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