
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है। 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी संदेश में सीएम धामी ने इस नौ दिवसीय पर्व के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का यह उत्सव समाज में मातृशक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि यह पावन पर्व उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महान परंपराओं का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के दौरान होने वाले ‘कन्या पूजन’ की प्राचीन परंपरा पर विशेष जोर देते हुए इसे बालिकाओं के सम्मान और सशक्तिकरण से गहराई से जुड़ा हुआ बताया।
शुभकामना संदेश के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित एक बहुउद्देश्यीय शिविर में भी हिस्सा लिया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से लाभार्थियों को कृषि उपकरण, मशरूम मिनी-किट, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रदान की जाने वाली महालक्ष्मी और किशोरी किट का वितरण कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन बहुउद्देश्यीय शिविरों में प्राप्त होने वाली जनसमस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी शिकायत के समाधान में अधिक समय लगने की संभावना हो, तो शिकायतकर्ता को पूरी प्रक्रिया और अनुमानित समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
धामी ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि आम जनता को अपने कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर की गई थी, जो नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरे राज्य में लगातार चलाया जा रहा है।




